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दुर्ग : जहाँ उल्टी दस्त के अधिक मरीज आ रहे हैं वहाँ पानी का सैंपल जाँच करने पीएचई लैब भेजें…


दुर्ग कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने दिये मौसमी बीमारियों की रोकथाम संबंधी बैठक में निर्देश, डेंगू की चुनौती बड़ी, पूरी सावधानी से इसके रोकथाम के लिए युद्धस्तर पर करें काम
दुर्ग 23 जून 2021/कलेक्टर डाॅॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं निगम अमले द्वारा किय जा रहे कार्यों की समीक्षा की।

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उन्होंने कहा कि 2018 में डेंगू की बड़ी विभीषिका दुर्ग जिले ने झेली है। डेंगू के वायरस पनपने न पाएं, इसके लिए युद्धस्तर पर प्रयासों की जरूरत है। जिन दलों की ड्यूटी लगाई गई है वे प्रभावी रूप से अपना कार्य करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य का मसला बेहद संवेदनशील मसला है इस संबंध में किसी भी तरह की लापरवाही की तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हर दिन रोकथाम के कार्यों की प्रगति की मानिटरिंग की जा रही है इस संबंध में युद्धस्तर पर कार्य करें। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कोविड एप्रोप्रिएट बिहैवियर आनलाइन पढ़ाई का हिस्सा होगा, उसी प्रकार डेंगू और मलेरिया से बचने के उपाय भी आनलाइन पढ़ाई की सामग्री में शामिल होंगे।

पढ़ाई की शुरूआत इन्हीं से बचाव के उपायों को लेकर होगी। बैठक में नगर निगम भिलाई आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी, अपर कलेक्टर सुश्री नूपुर राशि पन्ना, जिला पंचायत सीईओ सच्चिदानंद आलोक, सीएमएचओ डाॅ. गंभीर सिंह ठाकुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


जहाँ पीलिया और उल्टी दस्त के अधिक केस आते हैं वहाँ पानी का सैंपल जाँच के लिए पीएचई लैब में भेजें- कलेक्टर ने कहा कि स्वास्थ्य अमला उन इलाकों पर विशेष फोकस करे जहाँ पर पीलिया और उल्टी दस्त के अधिक केस आएंगे। ऐसे केस पानी की खराबी से ही आते हैं। ऐसे केस आने पर तुरंत सैंपल पीएचई लैब में भेजें तथा कोलिफार्म आदि की जाँच कराएं।


नियमित निरीक्षण करें अन्यथा होगी कार्रवाई- कलेक्टर ने कहा कि डेंगू नियंत्रण का कार्य बेहद अहम है। इसमें किसी भी तरह की कोताही बरतने से इसके तेजी से फैलने की आशंका बनती है इसलिए स्थिति पर लगातार मानिटरिंग की जा रही है। इस संबंध में लापरवाही की शिकायत आने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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