भिलाई: सरकारी योजनाओं में मुनाफे का झांसा देकर 6.33 लाख और जेवर की ठगी, महिला पर केस दर्ज…

भिलाई। सरकारी योजनाओं में निवेश कर लाखों रुपये का लाभ दिलाने का झांसा देकर नकदी और सोने-चांदी के आभूषण हड़पने के मामले में न्यायालय के आदेश पर सुपेला पुलिस ने एक महिला के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया है। आरोपी महिला पर कुल 6.33 लाख तथा सोने-चांदी के जेवर लेकर ठगी का आरोप है।

पुलिस के अनुसार फरीद नगर कोहका निवासी रूबी खातून (33 वर्ष) ने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दुर्ग के न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत कर आरोप लगाया था कि उसकी परिचितं सबीना खान (45 वर्ष), निवासी संजय नगर तालाब के पास सुपेला, ने विभिन्न सरकारी योजनाओं में निवेश कराने और भविष्य में अधिक लाभ दिलाने का झांसा देकर उससे चरणबद्ध तरीके से नकद राशि और सोने-चांदीके आभूषण प्राप्त किए।

दोनों की पहचान विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत संचालित एक स्किल ट्रेनिंग के दौरान हुई थी। इसके बाद आरोपिया ने अलग- अलग. योजनाओं का हवाला देकर पहले 3,000, फिर 15.000 तथा बाद में कई किश्तों में 50,000, 70,000, 30.000. 20,000 सहित कुल 4.50 लाख रुपए नगद और सोने की चेन, चांदी की पायल व अन्य आभूषण अपने पास ले लिए।

आरोपी ने दावा किया था कि योजनाओं के परिपक्व होने पर रकम कई गुना होकर वापस मिलेगी। जब पीड़िता ने अपनी राशि और जेवर वापस मांगे ‘तो आरोपी ने टालमटोल शुरू कर दी।

बाद में दोनों पक्षों के बीच 9 जुलाई 2025 को नोटरी के समक्ष एक इकरारनामा भी निप्पादित हुआ. जिसमें आरोपिया ने राशि और आभूषण देने की बात स्वीकार करते हुए तय अवधि में लौटाने का वचन दियां था।

इसके बावजूद सामान और रकम वापसनहीं की। पीड़िता ने पहले सुपेला थाना और फिर पुलिस अधीक्षक दुर्ग से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय की शरण ली। सुपेला पुलिस ने धारा 174 बीएनएसएस के तहत सूचना देकर मामला न्यायालय में प्रस्तुत करने की सलाह दी थी।

मामले की सुनवाई के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी रवि कुमार महोबिया ने रिकॉर्ड पर उपलब्ध इकरारनामा, दस्तावेजों और अन्य माक्ष्यों का अवलोकन करते हुए प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध पाया।

न्यायालय के आदेश के पालन में सुपेला थाना पुलिस ने अपराध दर्ज कर आरोपिया सबीना खान के विरुद्ध धारा 316(2) एवं 318(4) भारतीय न्याय संहिता (वीएनएम) के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले में दस्तावेजों, गवाहों और वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच की जा रही हैं।