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मोहला : दुख के दिन बीते रे भैया सुख के दिन आयो रे जीवन में नया रंग आयो रे…

– चरितार्थ हो रही है रेवती जंघेल के जीवन में

    मोहला 23 दिसंबर 2024। कहा जाता है दुख और सुख जीवन का एक हिस्सा है। आज के दौर में अगर धन समृद्धि हो तो, जीवन का सारा दुख दर्द दूर हो जाता है। आर्थिक तंगहाली और पैसे की कमी से जीवन में कई प्रकार की समस्या घर कर जाता है। महतारी वंदन योजना का लाभ मिलने पर मानपुर के रेवती जँघेल ने कहा कि वह गरीब तबके से तालुकात रखती है। उसके लिए एक-एक पैसा का जीवन में बड़ा महत्व है।

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उन्होंने बताया कि उनके पति खेती मजदूरी का काम करता है। और घर की स्थिति खस्ताहाल है। ऐसे में महतारी वंदन योजना ने उसके जीवन की समस्या को दूर कर दिया है। उन्होंने एक गीत को दोहराते हुए कहा कि दुख के दिन बीते रे भैया, सुख के दिन आयो रे, जीवन में नया रंग आयो रे। इससे पता चलता है की महतारी वंदन योजना ने कई महिलाओं के जीवन की झोली में खुशहाली भर दिया है। महतारी वंदन योजना का लाभ मिलने पर श्रीमती रेवती जँघेल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं की आर्थिक उन्नति के लिए संचालित सार्थक योजना बताया है।

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