
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट अमृत काल का वह अमृत-कलश है, जिससे समृद्धि की सरिता बहेगी और विकसित भारत के विराट संकल्प की सिद्धि होगी।

यह बजट अर्थ से सामर्थ्य तक, अंत्योदय से अभ्युदय तक और साधन से समाधान तक की एक स्वर्णिम यात्रा है। इससे खेतों में हरियाली, खलिहानों में खुशहाली और हर चेहरे पर लाली आएगी।
इस बजट में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के तहत घरेलू उद्योगों को बढ़ावा दिया गया है, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया गया है और आयात पर निर्भरता कम करने के प्रयास किए गए हैं। साथ ही रोजगार सृजन, कृषि उत्पादकता बढ़ाने, लोगों की क्रय शक्ति मजबूत करने और शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए अहम सुधार किए गए हैं।
इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि देश ने लगभग 7% की मजबूत विकास दर हासिल की है और गरीबी कम करने में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। यह बजट भरोसा देता है कि भारत तेज़ी से आगे बढ़ेगा, हर वर्ग को साथ लेकर चलेगा और विकसित भारत के संकल्प को साकार करेगा।
गरीब के कल्याण, किसान के उत्थान, मातृशक्ति के सम्मान और नौजवानों की मुस्कान को समर्पित इस लोक-हितैषी, जनकल्याणकारी बजट हेतु आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री जी का हार्दिक आभार।









































