
राजनांदगाँव l वर्षों से मामंत्रित होकर दूसरे पंथ को मानने लग रहे यादव परिवार के जब एक सदस्य का आकस्मिक निधन हुआ, उसके उपरांत अंतिम संस्कार को लेकर समाज और स्थानीय निवासियो के साथ उत्पन्न विवाद जिसमे मतांतरित लोगो का किस प्रक्रिया से अंतिम संस्कार हो यह स्पष्ट नहीं था,

बजरंग दल की विभाग सयोजक सुनील सेन ने स्पष्ट किया कि भोले भाले लोगो को अनेक प्रलोभनों से रीझा कर सनातन के पथ से भटकाते हैं और इनके नाम गिना कर पैसा कमाते हैं।यहाँ यादव परिवार के साथ भी यही हुआ जिस विवाद के समाधान हेतु बजरंगदल द्वारा संवेदनशीलता एवं सामाजिक दायित्व का परिचय देते हुए सार्थक हस्तक्षेप किया गया।
विश्व हिन्दू परिषद के मार्गदर्शन एवं सहयोग से यादव परिवार ने वैदिक विधि-विधान के अनुसार शुद्धिकरण एवं विधिवत घर वापसी कर प्रभु श्री कृष्ण जी को प्रणाम कर प्रक्रिया पूर्ण की।
घर वापसी संपन्न होने के पश्चात दिवंगत आत्मा का अंतिम संस्कार कार्यक्रम पूर्णतः हिंदू धर्म की परंपराओं एवं रीति–रिवाजों के अनुसार श्रद्धापूर्वक संपन्न कराया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के धर्मप्रेमी एवं सामाजिक कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
आयोजित दशगात्र संस्कार एवं पश्चात शांति भोज कार्यक्रम में यादव परिवार के साथ बजरंगदल के श्री सुनील सेन एवं नगर संयोजक श्री मोहित यादव ने सहभागिता की। साथ बैठकर उनके साथ हर परिस्थिति में रहने एव भाईचारे का परिचय दिया।
नगर सयोजक मोहित यादव ने कहा कि लोग सनातन धर्म की स्वतंत्रता एव उनके मूल्यों को भूलते जा रहे हैं लेकिन जब धोखेबाजी से उनका धर्मपरिवर्तन कर दिया जाता है तो उन्हें मिशनरियों द्वारा ऐसी ऐसी बड़ी बड़ी समस्याओ में डाल कर छोड़ दिया जाता है जिसे वो समाज में व्यक्त ना कर के अंदर ही अंदर घुटते हैं और किसी को व्यक्त ना कर के अपने आप को कोसते रहते हैं,बजरंग दल गर पीड़ित हिंदू के साथ खड़ा है किसी प्रलोभन या मिसनरियो से स्वयं की सुरक्षा करे और उनकी जानकारी संगठन को जरूर दें,
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था और परंपराओं के प्रति दृढ़ विश्वास का प्रतीक रहा, बल्कि समाज में आपसी सौहार्द, समरसता एवं सांस्कृतिक एकता का सशक्त संदेश भी देने वाला सिद्ध हुआ। बजरंगदल द्वारा किया गया यह प्रयास समाज को जोड़ने, परंपराओं की रक्षा करने और सनातन संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।










































