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राजनांदगांव:सड़क नहीं तो विकास कैसे? 40 से 50 गांवों के ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार…

राजनांदगांव।

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छुरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गर्रापार के आश्रित ग्राम खोरा टोला से विकासखंड चौकी के ग्राम चौकी टोला तक की मात्र 1300 मीटर की सड़क वर्षों से अधूरी पड़ी हुई है। इस छोटे से मार्ग के डामरीकरण नहीं होने से लगभग 40 से 50 गांवों के हजारों ग्रामीणों को आवागमन में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 15 से 20 वर्षों से वे इस सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, परंतु शासन-प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधियों ने अब तक कोई ध्यान नहीं दिया। बारिश के मौसम में यह सड़क दलदल में बदल जाती है, जिससे स्कूली बच्चों, मरीजों और किसानों को विशेष दिक्कत होती है।

ग्रामीण हर वर्ष श्रमदान कर सड़क की मरम्मत करते हैं ताकि आवागमन किसी तरह जारी रह सके। ग्रामीणों का कहना है, “हर साल हम अपने हाथों से गड्ढे भरते हैं, लेकिन कोई अधिकारी या नेता इसे स्थायी रूप से बनाने की पहल नहीं करता।”

इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने कई बार सांसद संतोष पांडे, विधायक भोलाराम साहू और महापौर मधुसूदन यादव से बजट सत्र में प्रस्ताव शामिल करने की मांग की, लेकिन अब तक किसी स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई है।

ग्रामीणों ने कहा कि हर चुनाव में नेता वादे करते हैं, लेकिन जीत के बाद भूल जाते हैं। अब ग्रामीणों ने ठान लिया है कि अगर इस बार मांग नहीं मानी गई तो बांधा बाजार के मुख्य मार्ग पर हजारों की संख्या में ग्रामीण एकजुट होकर चक्का जाम आंदोलन करेंगे।

आज आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में ग्रामीणों ने कलेक्टर से भेंट कर अपनी मांग प्रमुखता से रखी।

प्रतिनिधि मंडल में बालमुकुंद कुंजाम (जनपद सदस्य छुरिया), ओमप्रकाश (जनपद सदस्य छुरिया), अजय साहू (सरपंच गर्रापार), हिरेन्द्र साहू (पूर्व जनपद सदस्य) सहित दुर्जन देहारी, त्रिलोचन साहू, लोकनाथ साहू, शोभा साहू, धनंजय कुमार साहू, कोमल साहू, लोमन सिंह, संतोष कुमार, परस कोर्राम, हिरसिंग, रेवाराम, नागेश पोर्ते, खिलेश्वर पोर्ते, इन्दूराम, नरशू साहू, पुरण साहू, तुलसीराम मंडावी एवं आसपास के कई ग्रामीण शामिल थे।

ग्रामीणों की यह मांग है कि लोक निर्माण विभाग इस सड़क को आगामी बजट में शामिल कर तत्काल डामरीकरण कार्य प्रारंभ करे, ताकि लंबे समय से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

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