back to top

राजनांदगांव : अक्षय तृतीया एंव भगवान परशुराम की जयंती पर सभी नगर के धर्मावलंबियों को महापौर ने दी शुभकामनाएं…

राजनांदगांव 29 अपै्रल। अक्षय तृतीया एवं भगवान परशुराम जी की जयंती पर महापौर श्री मधुसूदन यादव ने नगर वासियों को शुभकामनाएं दी है। उन्हांेने भगवान श्री परशुराम जी की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे भगवान शंकर के परम भक्त थे। भगवान शंकर जी ने ही परशुराम जी को एक अमोघ अस्त्र. परशु प्रदान किया था। इनका वास्तविक नाम राम था, किंतु हाथ में परशु धारण करने से ये परशुराम नाम से विख्यात हुए।

Advertisements

ये अपने पिता के अनन्य भक्त थे, पिता की आज्ञा से इन्होंने अपनी माता का सिर काट डाला था, लेकिन पुनः पिता के आशीर्वाद से माता की स्थिति यथावत हो गई। यह ईश्वरीय चमत्कार था और उनकी परीक्षा जिसमें उन्होंने अपने पिता के आदेश पर तत्क्षण भी नहीं सोचा और अंततः ईश्वरीय चमत्कार से माता जी पुनः यथास्थिती में हो गई।

भगवान विष्णु के अवतार परशुराम जी का जन्म वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हुआ था. इस वजह से हर वर्ष परशुराम जयंती इस तिथि को मनाई जाती है।
महापौर श्री यादव ने अक्षय तृतीया की बधाई देते हुये कहा कि यह पर्व दान पून्य का पर्व है, इस दिन शुभकार्य करना अच्छा माना जाता है। इसलिये इस दिन बिना मुहुर्त के शादी ब्याह सहित अन्य मांगलिक कार्य किया जाता है। छत्तीसगढ़ में इस दिन पितरों का तर्पण अक्ती पानी देकर किया जाता है। उन्होंने सभी नगरवासियों को अक्षय तृतीया एवं परशुराम जयंती की बधाई देते हुये सभी के लिये मंगलमय जीवन की कामना की है।


महापौर श्री यादव सहित निगम अध्यक्ष श्री टोपेन्द्र सिंह पारस वर्मा,निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, महापौर परिषद के प्रभारी सदस्य सर्वश्री साावन वर्मा, सुनील साहू, राजेश जैन रानू, श्रीमती बिना धु्रव, शैंकी बग्गा,आलोक श्रोती,राजा माखीजा,श्रीमती वर्षा शरद सिन्हा, श्रीमती केवरा विजय राय, एवं डीलेश्वर प्रसाद साहू, सहित अपील समिति के सदस्यों श्रीमती श्रुती लोकेश जैन, श्री संतोष कुमार साहू, श्रीमती मोहनी बाई एवं श्री सेवक राम उइके तथा पार्षदों ने भी नागरिकों को परशुराम जयंती एवं अक्षय तृतीया पर अपनी शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम के आदर्शो पर चले और अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर शुभ कार्य कर दान पून्य कर अपने जीवन को सफल बनाये।

Advertisements

You cannot copy content of this page