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राजनांदगांव : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने शैक्षणिक संस्थानों में विशाल वृक्षा रोपण कर मनाया अपना 74वां स्थापना दिवस….

राजनांदगांव – अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 74 वां स्थापना दिवस के अवसर पर अभाविप राजनंदगांव इकाई द्वारा शहर के तीनो बड़े कॉलेज दिग्विजय कॉलेज, कमला कॉलेज एवं साइंस कॉलेज में विशाल वृक्षा रोपण किया गया साथ ही भारत माता की जय घोष कर आम जनमानस से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का आग्रह किया गया।

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अखिल भारती विद्यार्थी परिषद् के विभाग संयोजक चिंटू सोनकर ने बताया कि ज्ञान शील एकता के मूल मंत्र को लेकर 9 जुलाई 1949 को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की स्थापना हुयी थी। विश्वविद्यालय, महाविद्यालय इकाई से लेकर प्रदेश एवं राष्ट्रीय पटल पर विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान का काम विश्व के सबसे बड़े विद्यार्थी संगठन अभाविप का है। स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों को आत्मसात् कर चरित्र निर्माण से राष्ट्र निर्माण की अवधारणा को मूर्त रूप देने का काम अभाविप, स्थापना दिवस से ही करती आयी है।

‘विद्यार्थी कल का नहीं अपितु आज का नागरिक है’ इस संदर्भ वाक्य के द्वारा विद्यार्थियों में देश और समाज के कल्याण हेतु एकजुट होने एवं सर्वस्व त्याग कर देने के भाव को जागृत करती आई है अभाविप। छात्रहित के साथ राष्ट्र हित की बात करनेवाला यह संगठन कश्मीर से धारा 370 हटाने हेतु आंदोलन करता है एवं बंग्लादेशी घुसपैठ के ख़िलाफ़ भी अपनी आवाज़ बुलंद करता है और सरकार को राष्ट्र हित के इन विषयों पर निर्णय लेने के लिये बाध्य करता है। राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्र को सर्वोपरि मानते हुए अलगाववाद एवं तुष्टिकरण के ख़िलाफ़ भी अपनी आवाज़ उठाता है।

अपने विभिन्न आयामों, प्रकल्पों एवं गतिविधियों के द्वारा प्रत्येक विद्यार्थी को जोड़कर राष्ट्रहित में लगाने का कार्य अभाविप करती है। मेडीविजन, मेडिकल अर्थात् हेल्थकेयर के क्षेत्र में अपनी महती भूमिका निभाता है। कोरोना काल में मेडीविजन ने ग्रामीण क्षेत्रों एवं शहरी बस्तियों की स्क्रीनिंग कर सेवा के अपने धर्म को सफलता पूर्वक निभाया है। स्टूडेंट फ़ार सेवा के द्वारा कोरोना पीड़ितों की सेवा एवं कोरोना लॉकडाऊन काल में निरीह ज़रूरतमंदों की सेवा की गई है।अभाविप, स्टूडेंट फ़ॉर डेवेलपमेंट के माध्यम से वृक्षारोपण एवं अन्य पर्यावरण संबंधी पहल जिसमें नदियों का संरक्षण भी सम्मिलित है, को बड़े ही सहज ढंग से करता है।

एग्रीविजन कृषि के क्षेत्र में अभिनव प्रयोगों को प्रचारित एवं प्रसारित करता है जबकि थिंक इंडिया के द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों जैसे आई.आई.टी, आई.आई.एम, एन.एल.यू एवं स्टार्टअप एवं उद्यमिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे इंक्युबेटर एवं एक्सीलेरेटर्स आदि संस्थानों में विद्यार्थी कार्य एवं नवाचारों को प्रमुखता दी जाती है। फ़ार्मा विजन फ़ार्मेसी क्षेत्र के विद्यार्थियों में नवाचार एवं शोध के विकास के लिये कार्य करता है। एक तरफ़ राष्ट्रीय कलामंच विद्यार्थियों में छुपी अद्भुत प्रतिभा को मंच देता है वहीं मिशन साहसी जैसे महिला सशक्तिकरण के कार्यक्रम छात्राओं को आत्मरक्षा की शक्ति प्रदान करता है।अनुभूति कार्यक्रम के द्वारा दूरदराज़ के आदिवासी क्षेत्रों में जाकर आदिवासी जीवन का अनुभव, जनजाति जीवन पद्धति का अध्ययन एवं सामाजिक समरसता का पाठ पढ़ाया जाता है।

वोसी (WOSY) अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंज प्रोग्राम के द्वारा अभाविप विद्यार्थियों में अंतरराष्ट्रीय एक्सपोज़र एवं सांस्कृतिक संवाद स्थापित करने का काम करती है। विद्यार्थी परिषद विद्यार्थियों में समाज के प्रति उत्तरदायित्व समझाने एवं उन्हें एक ज़िम्मेदार नागरिक बनाने का कार्य करती है।अपने महापुरुषों के आदर्शों को धारण कर कार्यकर्ता निर्माण के द्वारा अपनी शक्ति एवं ऊर्जा को विद्यार्थी एवं शिक्षा हित में लगाते हुये यह संगठन राष्ट्र पुनर्निर्माण हेतु कृतसंकल्पित है। अभाविप के कार्यकर्ता समाज के हित में सदा तत्पर रहते हैं।

अभाविप पद की अपेक्षा दायित्व को महत्व देता है। यही दायित्वबोध समाज हित में अपना तन-मन-धन अर्पित करने को प्रेरित करता है। आज ऐसे महान संगठन के स्थापना का दिवस है। ऐसे सभी महापुरुषों, जिनकी संकल्पना से यह संगठन उठ खड़ा हुआ एवं अपने अभीष्ट की सिद्धि हेतु विद्यार्थी एवं शिक्षा विकास में अनवरत अपना योगदान देता आ रहा है। उन्हें सादर नमन है

ऊक्त कार्यक्रम में चंदना श्रीवास्तव, निकिता श्रीरंगे, शनुध मिश्रा, सौरभ रात्रे, हरीश साहू, आशीष सोरी, जीत प्रजापति, सोहन साहू, नंदकुमार रजक, गुणवंत सिंह ठाकुर, अनन्या हाजरा, डोमेंद्र साहू, अंशराज सिंग भाटिया, राकेश साहू, प्रणय, अविनाश वैष्णव एवम अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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