
राजनांदगांव — आदिवासी नेता सरजू टेकाम के विवादित बयान को लेकर सियासी बवाल होना शुरु हो गया है ।दर असल 30 जुलाई को मोहला मानपूर अम्बागढ चौकी जिले के मानपूर बस स्टेण्ड मे काग्रेस और सर्व आदिवासी समाज व्दारा समान नागरिक संहिता और मणिपुर मामले के विरोध में सभा का आयोजन किया गया था
इस दौरान आदिवासी नेता सरजू टेकाम के बयान का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को मारने काटने की बात करने के साथ ही बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, आरएसएस और प्रधानमंत्री के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी कर रहे हैं। जिसकी भारतीय जनता पार्टी और विश्व हिंदू परिषद ने कड़ा विरोध किया है।
मणिपुर में चल रही हिंसा के बीच महिलाओं को निर्वस्त्र करने के मामले सहित केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे समान नागरिक संहिता के विरोध में मानपुर जिले के बस स्टैंड में एक सभा का आयोजन किया गया था, इस सभा में स्थानीय विधायक इंद्रशाह मंडावी भी शामिल हुए। इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए आदिवासी नेता सरजू टेकाम का एक वीडियो वायरल हो रहा है,
जिसमें सरजू टेकाम कॉन्ग्रेस विधायक इंदर शाह मंडावी की मौजूदगी में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, आरएसएस, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुलिस के खिलाफ अभद्र टिप्पणी कर रहे हैं। यह वीडियो वायरल होने के बाद इसकी निंदा होनी भी शुरू हो गई है। इस मामले में राजनांदगांव के सांसद संतोष पांडे ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था पुलिस के हाथ से निकल गई है,
खुलेआम मंच से भाजपा नेताओं को मारने काटने और देवी देवताओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की जा रही है। उन्होंने कहा कि विधायक इंदर शाह मंडावी भी सभा में मौजूद हैं। जहां बैठकर वे मुस्कुरा रहे हैं और सरजू टेकाम को प्रोत्साहित कर रहे हैं। सांसद ने कहा कि इस तरह की बयान बाजी की जितनी निंदा की जाए कम है। उन्होंने इस मामले में आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
इस मामले मे अब भाजपा सडक पर उतर आई है और मानपूर मे चक्का जाम किया था वही भाजपा अनूसूचित जाति मोर्चा ने राजनांदगांव पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौपकर कथित नेता सरजू टेकाम की गिरफ्तारी की मांग की है ।वही तीन अगस्त को मानपूर बंद करने का ऐलान किया है ।









































