
राजनांदगांव। नवरात्रि के दौरान माँ बम्लेश्वरी मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच व्यवस्थाओं में बड़ी चूक सामने आई है। मंदिर में ड्यूटी पर तैनात लगभग 2500 पुलिसकर्मियों एवं ट्रस्ट कर्मियों के लिए भोजन गैस सिलेंडर के अभाव में लकड़ी के चूल्हों पर बनाया जा रहा है, जिससे व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति उजागर हो गई है।
शासन द्वारा एलपीजी को “आवश्यक सेवा” घोषित कर प्राथमिकता से उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, इसके बावजूद जमीनी स्तर पर गैस सिलेंडर की अनुपलब्धता प्रशासनिक दावों पर प्रश्नचिन्ह लगा रही है।
गैस की कमी के कारण भोजन व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जिससे अतिरिक्त समय और संसाधनों की खपत बढ़ रही है। इतने बड़े धार्मिक आयोजन में इस प्रकार की अव्यवस्था प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
इसी मुद्दे को लेकर युवा नेता एवं पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने खाद्य विभाग कार्यालय का घेराव कर विरोध दर्ज कराया। शास्त्री ने कहा कि “सुशासन के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं। शासन के निर्देशों के बावजूद आवश्यक सेवाओं में इस तरह की लापरवाही पूरी व्यवस्था की सच्चाई सामने ला रही है।” उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ड्यूटी पर तैनात जवानों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिलना अत्यंत गंभीर विषय है।
युवा नेता शिवम गढ़पाले एवं दीनू साहू ने बताया कि प्रतिवर्ष नवरात्रि मेले के दौरान माता देवाला में एलपीजी गैस सिलेंडरों की समुचित व्यवस्था रहती है, किंतु इस वर्ष स्थिति पूरी तरह विपरीत है। जहां पूर्व में निर्बाध गैस आपूर्ति सुनिश्चित रहती थी, वहीं इस बार जवानों एवं कर्मियों को लकड़ी के चूल्हों का सहारा लेना पड़ रहा है।
मामले में खाद्य अधिकारी, राजनांदगांव को लिखित शिकायत सौंपकर एलपीजी आपूर्ति की जांच, संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय करने तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही नवरात्रि अवधि में तत्काल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई है।
इस दौरान शिवम गढ़पाले, संदीप डहरे, दीनू साहू, राजा यादव, विनायक राठौड़, फूलेश साहू, अनिल सोनी, टोमन साहू, मोहनीश गेड़ाम सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।









































