राजनांदगांव : आवास योजना से बदल रहा है शहरी जीवन…

आवासहीन व्यक्ति कर रहा पक्का मकान में निवास

राजनांदगांव 17 जनवरी। राजनंादगांव निकाय क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत ‘‘मोर जमीन मोर मकान के तहत् कुल 4080 आवास पूर्ण हो गये है और 2459 आवास विभिन्न अलग-अलग स्तर पर निर्माणाधीन है।

आवास योजना के माध्यम से शहर के जरूरतमद एवं गरीब परिवारों के सर पर पक्की छत हो इस पर निरंतर नगर निगम राजनांदगांव का सार्थक प्रयास जारी है। आवास योजना का लाभ देने महापौर श्रीमती हेमा सुदेश देशमुख एवं निगम आयुक्त डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में मोर जमीन मोर आवास योजना से जूडे सभी वास्तुविद एवं इंजीनियरों के द्वारा नगर में अच्छे एवं सुंदर आवास निर्माण के लिये हितग्राहियोें को सलाह दी जा रही है, सलाह अनुसार आवास का निर्माण किया जा रहा है।

अच्छे और सुंदर सर्वसुविधा युक्त आवास का निर्माण करने वाले हितग्राहियों को समय समय पर शासन द्वार प्रोत्साहित भी किया जाता रहा है। इसी कडी में आवास योजना मेें प्रदेश में पाटन के अलावा राजनांदगांव निकाय को आशा नगर प्रोजेक्ट के लिये राजकोट गुजरात में आयोजित अर्बन हाउसिंग सम्मेलन में सम्पूर्ण राज्य में विशेष स्थान के लिये प्रदेश को पुरूस्कार प्राप्त हुआ है।


नगर निगम राजनांदगांव क्षेत्रांतर्गत आवास का सपना सकार करने वाले हितग्राहियों में आशा नगर राजनांदगॉव शहर की वह बस्ती जहा कुष्ठ रोग से प्रभावित जनो को बसाया गया इसी बस्ती मे रहने वाले श्रीमती ललिता संतापे पति श्री राजकुमार संतापे। जीवन जीने के लिए अपने द्वारा अपने सघर्षो से कैसे अपने सोच को साकार किया जाता है ये कहानी बया करती है।

नागपुर शहर से अपने वैवाहिक जीवन की शुरू करने वाली श्रीमती ललिता बताती है। इनके पति कुष्ठ रोग से ग्रसित होने के कारण करीब 20-22 वर्ष पूर्व राजनांदगॉव में कुष्ठ रोग के उपचार हेतु आये तब से यही के होकर रह गये। ललिता संतापे बताती है कि जब वो आशानगर के घर में रहने के लिए आई तो एक छोटा सा कमरा मात्र था, जिसकी छत से बारिश के दिनो में रात भर पानी टपकता रहता था।

जिस रात बारिश होती थी दुसरे दिन घर में रहने योग्य स्थान नही होता था बडे मुश्किल भरे दिन थे। इस पर अखबार और लोगो से आय दिन सुनना की आशानगर बस्ती को यहॉ से उजाड कर कही और बसाया जायेगा ..ये सनसनी भरी खबर का मन पर प्रभाव इतना गहरा था कि घर की मरम्मत में पैसे खर्च करने के लिए मन सहम जाता था। घर को मरम्मत करने में बस्ती का उजडने कि खबर घर को सवारने नही देती थी।

शासन ने इनकी इस दयनिय स्थिति को अपने संज्ञान में लेकर आशानगर वासियों को उनके रहवासी स्थान के स्थाई पट्टे प्रदान किये। स्थाई पट्टा मिलते ही घर की चिन्ता दूर हुई, साथ ही मोर जमीन मोर आवास योजना से पक्के मकान का सपना भी सकार हुआ और आवास निर्माण की जो चिन्ता थी उससे मुक्ति मिली। उन्होंनंे कहा कि हमारे कल्पना में भी नही था कि हमारा ऐसा सुन्दर घर होगा। उस कल्पना को नगर निगम के प्रधानमंत्री आवास योजना की टीम की मदद से झोपडी को मजबूत सुन्दर घर में बदल दिया और आज मेरा परिवार एक सर्वसुविधायुक्त आवास में निवास कर रहा है।


गौरी नगर के एक खण्डहर से टूटे-फुटे घर मंे मो. मोती उर्फ रहमान अपने दोनों बच्चे बहु एवं पोते के साथ भरे-पुरे परिवार में निवास करते है। मे. मोती उर्फ रहमान शहर के सड़क किनारे एक छोटी सी पंचर बनाने वाली दुकान चलाकर अपने दोनों बेटों को बड़ा किया,

एक बेटे की शादी भी कर नयी बहु को जब घर लेकर आये ंतो मो.मोती उर्फ रहमान का मन असमंजस में था इतने छोटे घर में कैसे किसी की बेटी को रख पायेगें। दोनों बेटे आटो चालाकर थोड़े-थोड़े पेैसे जोड़ भी लिये तो भी घर को तोड़कर नया मकान बनाने की हिम्मत नही थी, कहने को अपना घर था पर सुकुन नही था। तभी छोटे बेटे तनवीर ने प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी ली और इस योजना का लाभ लेने सभी आवश्यक दस्तावेज कार्यालय में जमा करवायें, कुछ दिनों के उपरांत शासन से आवास निर्माण हेतू स्वीकृति आने पर पूरा परिवार अपने सपनों को सवांरने के एक साथ जुड़ गये।

मो. मोती कहते है, कि मेरे आस-पास वाले पहले मेरे हालात पर ठहाके लगाते थे, पर मेरे हौंसलों ने और मेरी सरकार ने सभी को जवाब दिया है। आज मेरे परिवार ने बिखरे-बिखरे तिनको को समेट कर ये सुन्दर आशियाना बनाया है। मेरे इस घर में हर एक कमरे में टाईल्स लगी है, एक आला दर्जे का किचन, सभी कमरों में शौचालय बना है,मुझे और मेरे परिवार को घर बनने में आर्थिक और मानसिक सहयोग करने पर प्रधानमंत्री आवास योजना की पूरी टीम को शुक्रिया अदा करते है।


महापौर श्रीमती हेमा सुदेश देशमुख ने योजना के संबंध में कहा कि मोर जमीन मोर मकान योजना का नगर निगम द्वारा सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है,जिसके माध्यम से हितग्राही अपने आशियानें को सजाकर हमर मयारू राजनांदगांव को सवारने का कार्य कर रहे है। निगम आयुक्त डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी के कहा कि शासन के सहयोग से गरीब एवं जरूरतमंद परिवार जो वर्षो से अपने कच्चे घरो में मौसम की मार को सहते हुए मरम्मत कराकर उन्हें रहना पड़ता था ऐसे परिवारो को एक मजबूत सर्वसुविधायुक्त आवास निर्माण करने में स्तरबद्ध भुगतान सीधे हितग्राहियों के खाते में कर के मानव जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग प्रदान किया है।