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राजनांदगांव : मोर मकान मोर आस योजना का लाभ लेने निगम में आवेदन आमंत्रित…

अब छत्तीसगढ़ मूल निवासी प्रमाण-पत्र अनिवार्य नही है

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पूर्व में किये आवेदन पर दावा आपत्ति 23 जनवरी तक एवं
लाटरी के माध्यम से आबंटन 30 जनवरी को

राजनांदगांव 17 जनवरी। छत्तीसगढ़ शासन की सवेदनशील योजना ‘‘मोर मकान मोर आस‘‘ इस योजना के अंतर्गत नगर पालिक निगम राजनांदगांव क्षेत्रांतर्गत वर्षो से किरायेदारो के रूप मे निवासरत् परिवारों को मात्र आवास के लागत मूल्य पर सर्वसुविधा युक्त स्वच्छ वातावरण मे आवास प्रदान करने हेतु इस महत्वपूर्ण योजना का क्रियांवयन किया जा रहा है।

इस योजना के तहत आवेदन करने के लिये आवश्यक दस्तावेजो मे छ0ग0 मूल निवासी प्रमाण-पत्र या इसे संबंधित किसी प्रकार के कोई भी दस्तावेजों की अनिवार्यतः को स्थिरता प्रदान करते हुऐ इस दस्तावेज की अनिवार्यता को शासन द्वारा समाप्त किया जा रहा है।

आवेदक नगर निगम के प्रधानमत्री आवास योजना कार्यालय से संपर्क कर नियमो के तहत अपने आवेदन प्रस्तुत कर योजना का लाभ ले सकते है। आवेदक 31 अगस्त 2015 के पूर्व से निकाय क्षेत्र का रहवासी हो आवेदक के पूरे परिवार की समस्त स्त्रोत से आय 3 लाख रूपये सालाना से कम हो। आवेदक द्वारा 100 रू. के स्टाम पर नोटिरी किये हुऐ शपथ पत्र प्रस्तुत करें इस शपत पत्र मे आवेदक लिखित मे देगें की सम्पूर्ण भारत वर्ष मे मेेरे एवं मेरे परिवार के नाम से कोई आवास या आवासीय भूमि नही है।


महापौर श्रीमती हेमा सुदेश देशमुख ने छ0ग0 मूल निवासी प्रमाण-पत्र के नियमों मे शासन द्वारा शिथिलता प्रदान करने पर खुशी जाहीर करते हुये कहा कि अब बहुत से किरायेदार परिवार जो इस नियम के कारण इस योजना का लाभ नही ले पा रहे थे, वे भी अब अपना स्वयं के आवास का सपना सकार कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि आवास योजना हेतु किसी भी प्रकार के प्रलोभन में आकर निगम के अतिरिक्त अन्य कही भी किसी भी प्रकार की कोई राशि जमा ना करे योजना के बारे मे समस्त जानकारी निगम से प्राप्त करे तथा योजना अनुरूप आपके दस्तावेज सही होने पर पात्रता के अनुसार ही आपको योजना के लाभान्वि किया जावेगा इसके लिए निकाय से बाहर किसी प्रकार से राशि का लेन देन न करें।


योजना के संबंध मे आयुक्त डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया की गरीब एंव जरूरतमंद परिवार जो वर्षो से परिस्थितियों की मार सहते हुए गरीबी के कारण मजबूरी से किसी न किसी केे घर में किराये के घर में निवास करते थे। ऐसे जरूरतमंद परिवारो को मात्र लागत मूल्य पर आवास उपलब्ध कराना शासन की एक संवेदनशील पहल है।

उन्होंने बताया कि 31 अगस्त 2015 के पूर्व ऐसे परिवार जो निकाय क्षेत्र में किरायेदार के रूप में रहते है। उनके पास 31 अगस्त 2015 के पूर्व निवासरत होने के दस्तावेज है। वे इस योजना का लाभ ले सकते है। हितग्राहियो को आवास लेने सुविधा प्रदान करने विभिन्न बैंको से ऋण देने योजना के अधिकारी लगातार बैंको से सम्पर्क बनाये हुए है,ताकि हितग्राही बैक ऋण लेकर आवास योजना का लाभ ले सके।


आयुक्त डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि 26 दिसम्बर 2022 तक जिन्हांेने आवेदन किया है उन्हें इस आबंटन की प्रक्रिया एवं लॉटरी हेतु चयन किये गये परिवारो में किसी प्रकार की कोई आपत्ति है तो वे दिनांक 23 जनवरी 2023 को शाम 5ः00 बजे तक दावा आपत्ति दर्ज करावे इस समय अवधि के उपरांत किसी प्रकार की कोई भी दावा आपत्ति मान्य नही होगी। ‘‘मोर मकान मोर आस‘‘ के अंतर्गत 1570 आवासो का आबंटन किये जाने हेतु पात्र एवं अपात्र की सूची निगम के सूचना पटल एवं एम0सी0आर0जे0एन0 पोर्टल पर जारी की गई है।

आवेदक पात्र सूची में आपने नाम आने पर चयन किये हुए परियोजना स्थल कि राशि निकाय में जमा कर 30 जनवरी 2023 दिन सोमवार को निगम के बलरामदास हॉल में उपस्थित होकर अपने हाथो से अपने घर का चयन जन प्रतिनिधि एवं निकाय के अधिकारियों के सम्मुख करेंगे।

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