
इंटर्न्स की हड़ताल का 14वां दिन : डॉक्टरों ने चाय बेचकर किया सांकेतिक प्रदर्शन, कहा- चायवाले का सम्मान बढ़ता है, लेकिन 530 रुपये प्रतिदिन पाने वाले डॉक्टर का सम्मान घटता है

राजनांदगांव, 17 अगस्त 2026। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, राजनांदगांव में एमबीबीएस इंटर्न्स की हड़ताल आज 14वें दिन भी जारी रही। पहले दिन की तरह आज भी ओपीडी, आईपीडी, इमरजेंसी ड्यूटी, कैजुअल्टी, एनआईसीयू और पीआईसीयू में इंटर्न डॉक्टरों की सेवाएं पूरी तरह बंद रहीं।
हड़ताल के कारण मरीजों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ओपीडी में लंबी कतारें लग रही हैं, मरीजों के भर्ती होने में देरी हो रही है और डिस्चार्ज की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही अस्पताल के अन्य कर्मचारियों पर कार्यभार लगातार बढ़ता जा रहा है।
इसी क्रम में आज एमबीबीएस 2021 बैच के इंटर्न्स द्वारा “एमबीबीएस चायवाला” नाम से एक सांकेतिक प्रदर्शन किया गया। इस दौरान इंटर्न डॉक्टरों ने चाय बेचकर अपनी आर्थिक स्थिति और संघर्ष को आम जनता के सामने रखने का प्रयास किया। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों को चाय पिलाकर यह भी बताया कि वे किन परिस्थितियों के कारण हड़ताल करने के लिए मजबूर हुए हैं।
प्रदर्शन के दौरान इंटर्न्स ने कहा कि चाय बेचने से एक चायवाले का मान-सम्मान बढ़ता है, लेकिन जब एक डॉक्टर को चाय बेचकर अपनी स्थिति बताने के लिए मजबूर होना पड़ता है, तो यह पूरे चिकित्सा समुदाय के लिए चिंता का विषय है।
इंटर्न्स का कहना है कि एक सामान्य चाय विक्रेता प्रतिदिन 1,500 से 2,500 रुपये तक कमा लेता है, जबकि एक मेडिकल छात्र कई वर्षों की कठिन तैयारी, नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षा को उत्तीर्ण करने, वर्षों की पढ़ाई और प्रशिक्षण के बाद डॉक्टर बनता है, लेकिन एक इंटर्न डॉक्टर को आज भी केवल 530 रुपये प्रतिदिन ही मिलते हैं। उनका कहना है कि यह राशि आज के समय में दैनिक मजदूरी से भी कम है।
इंटर्न्स ने सरकार से भावुक अपील करते हुए कहा कि उनकी मांगें पूरी तरह न्यायसंगत हैं और उन्हें जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि वे भी जल्द से जल्द अपनी सेवाओं में लौटना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए सरकार को उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेना होगा।
इस संबंध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन मेडिकल स्टूडेंट्स नेटवर्क (IMA-MSN) छत्तीसगढ़ के प्रदेश संयोजक श्री शाहदिल खुसरू ने कहा कि प्रदेश के सभी इंटर्न डॉक्टर सरकार की ओर आशा भरी निगाहों से देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंटर्न डॉक्टरों को सरकार पर पूरा विश्वास है और उन्हें उम्मीद है कि सरकार उनकी समस्याओं को समझते हुए जल्द ही उचित निर्णय लेगी।
उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि प्रदेश के युवा डॉक्टर अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को संवेदनशीलता और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेना चाहिए, ताकि प्रदेश के इंटर्न डॉक्टरों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट सके।










































