
राजनांदगांव। देश के अग्रणी प्रोटीन उत्पादक लीडर आईबी ग्रुप औद्योगिक विस्तार के क्रम में अब ऑटोमेटिक फिश फीड प्लांट प्रारंभ करने जा रहा है. इस नए प्लांट से जहां बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा वहीं नई तकनीक के साथ उत्पादन की शुरुआत होगी. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तेजी से अपनी पहचान बनाता औद्योगिक समूह आईबी ग्रुप 16 फरवरी को देश का पहला पूर्णतः स्वचालित, आधुनिक मशीनों से सुसज्जित फिश फीड प्लांट प्रारम्भ करने जा रहा है, जिसका लोकार्पण केन्द्रीय पशुपालन मंत्री परशोत्तम रुपाला के कर-कमलों से संपन्न होगा.
गौरतलब है कि देश-विदेश में अपनी उच्च गुणवत्ता और विश्वसनीयता के लिए जाना जाने वाला आईबी ग्रुप, भारत के घर-घर तक प्रोटीन पहुंचाने की अपनी यात्रा में देश के विभिन्न राज्यों में लगभग 10 फीड प्लांट की स्थापना कर चुका है. इन प्लांटों की सालाना उत्पादन क्षमता 25 लाख मीट्रिक टन है. आईबी ग्रुप के अत्याधुनिक 61 पोल्ट्री फार्म्स भी हैं. आईबी ग्रुप अपनी 27 हैचरी और 30 हजार कमर्शियल ब्रायलर फार्म्स के माध्यम से लाइवस्टॉक किसानों को 520 मिलियन (वार्षिक) हाई क्वालिटी चूज़े उपलब्ध करवा रहा है. इसमें लगातार वृद्धी हो रही है.
आईबी ग्रुप के एमडी बहादुर अली देश के उन बिरले उद्योगपतियों में से एक हैं जिन्होंने अपनी जन्मभूमि को ही अपनी कर्मभूमि बनाया और यहां से औद्योगिक प्रगति की जो शुरुआत उन्होंने की वह देश- विदेश में अत्याधुनिक उद्योगों की स्थापना के साथ अनवरत जारी है. लगभग 1.25 लाख स्क्वेयर मीटर क्षेत्रफल में निर्मित मध्य भारत के सबसे बड़े कॉर्पोरेट ऑफिस में आईबी ने आधुनिक टेक्नोलॉजी से एक वर्ल्ड क्लास ट्रेनिंग सेन्टर भी बनाया है जहाँ फार्मर, डीलर्स और आईबी के कर्मचारियों को विश्वस्तरीय ट्रैनिंग मुहैय्या कराई जाती है.
राजनांदगांव के ग्राम सुखरी में हाइब्रिड माइक्रो पैलेट फिश फीड प्लांट उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 600 मीट्रिक टन है इस प्लांट के द्वारा देश में हाई क्वालिटी मत्स्य आहार की मांग को पूरा किया जाएगा साथ ही प्लांट के माध्यम से आसपास के क्षेत्र में लगभग 500 से अधिक लोगों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार और लगभग 2500 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।









































