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राजनांदगांव : ऑनलाईन टोकन और इलेक्ट्रानिक तौल मशीन से धान विक्रय करना हुआ आसान – चन्द्रशेखर…

*समर्थन मूल्य में धान खरीदी से किसानों को हो रहा अच्छा मुनाफा*

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*- किसानों के मेहनत और उपज का मिल रहा उचित मूल्य – किसान श्री अशोक*

*- किसानों ने आसान एवं पारदर्शिता से धान खरीदी और शीघ्र भुगतान के लिए राज्य शासन को दिया धन्यावाद*

राजनांदगांव 27 नवम्बर 2024। राज्य शासन के समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के अंतर्गत किसानों से प्रति एकड़ 21 क्ंिवटल धान खरीदने एवं धान उपार्जन केन्द्रों में मिल रही सुविधाओं और पारदर्शितापूर्वक तौलाई एवं शीघ्र भुगतान से जिले के किसानों में खुशी है। जिले के किसान अपने-अपने क्षेत्र के धान उपार्जन केन्द्र में अपनी उपज को विक्रय करने के लिए उत्साह के साथ पहुंच रहे हैं।

राजनांदगांव विकासखंड के धान उपार्जन केन्द्र सोमनी में ग्राम अचानकपुर भाटापार के किसान श्री चन्द्रशेखर निषाद ने बताया वे 45 क्ंिवटल धान विक्रय करने आए है। इससे पहले वे 52 क्ंिवटल धान का विक्रय कर लिया है। जिसका भुगतान विक्रय करने के दूसरे दिन ही खाते में राशि अंतरण की सूचना मोबाईल में आए एसएमएस के माध्यम से मिल गई।

श्री चन्द्रशेखर ने बताया कि वे दोनों बार टोकन हमर हाथ एप्प के माध्यम से घर बैठे टोकन कटाया था, जिससे उन्हें धान विक्रय करने में आसानी हुई है। टोकन कटाने के लिए धान उपार्जन केन्द्र का चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ी। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों को अच्छी सुविधाएं उपलब्धता के साथ पारदर्शितापूर्वक धान खरीदी की जा रही है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को आभार व्यक्त किया है। 

इसी तरह ग्राम ठाकुरटोला के किसान श्री अशोक कुमार खरे ने बताया कि उनके पास 5 एकड़ खेती जमीन है और वे 54.80 क्ंिवटल धान बेचने आज धान उपार्जन केन्द्र सोमनी आए है। श्री अशोक ने कहा कि राज्य शासन द्वारा 3100 रूपए की दर से प्रति एकड़ 21 क्ंिवटन धान खरीदने से किसानों को उनकी मेहनत और उपज का उचित मूल्य मिल रहा है। इससे किसानों को अच्छा लाभ मिल रहा है। इसके साथ ही शासन द्वारा धान उपार्जन केन्द्रों में अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है।

उन्होंने कहा कि उन्हें धान बेचने में कोई समस्या नहीं आई है। धान उपार्जन केन्द्र में धान लाने के बाद समिति प्रबंधक द्वारा उन्हें बारदाना, हमाल उपलब्ध कराया गया और पारदर्शिता के साथ इलेक्ट्रानिक तौल मशीन के माध्यम से उनके धान का तौलाई किया गया। उन्होंने बताया कि वे ऑनलाईन के माध्यम से टोकन कटाया था। ऐसी सुविधाएं मिलने से उनके श्रम और समय की बचत हुई है।

उन्होंने कहा कि धान विक्रय से अच्छा मुनाफा हुआ है। जिसका उपयोग वे रबी मौसम में चना और गेंहू की खेती और घर खर्च में व्यय करने की बात कहीं। अचानकपुर भाटापारा के किसान श्री कन्हैया टेकाम ने राज्य शासन के प्रति प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि धान बेचना बहुत आसान हो गया है। केन्द्र में किसानों की सहूलियत पर पूरा ध्यान रखा जा रहा है। किसानों को धान विक्रय में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आ रही है।

धान उपार्जन केन्द्र में किसानों के लिए छांव, पेयजल, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। धान विक्रय का भुगतान भी शीघ्र हो रहा है। जिससे किसानों की आर्थिक समस्या दूर हो रही है। बच्चों की पढ़ाई, घरेलू आवश्यकताओ की पूर्ति, जरूरी सामानों का क्रय करने में मदद मिल रही है।

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