back to top

राजनांदगांव : किसान पंजीयन और डिजिटल फसल सर्वे रबी 2025 के कार्यों को करें शीघ्र पूर्ण – कलेक्टर…


तहसीलदार को ग्रामवार प्रतिदिन किसान पंजीयन और डिजिटल फसल सर्वे के कार्यो को अद्यतन करने के दिए निर्देश
ग्रामीण क्षेत्रों में जल संगोष्ठी आयोजित करने के दिए निर्देश
कलेक्टर ने राजस्व निरीक्षक एवं पटवारियों की ली बैठक
राजनांदगांव 17 मार्च 2025। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व निरीक्षक एवं पटवारियों की बैठक ली। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने एग्री स्टेक योजना के अंतर्गत किसान पंजीयन और डिजिटल फसल सर्वे रबी 2025 के कार्यों की समीक्षा करते हुए शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। किसान पंजीयन और डिजिटल फसल सर्वे रबी 2025 के कार्यों को अभियान चलाकर युद्ध स्तर पर करने के निर्देश दिए।

Advertisements

उन्होंने कहा कि एग्री स्टेक योजना से किसानों के लिए एक संपूर्ण डेटाबेस बनाना है, जिसमें उनकी पहचान, भूमि रिकार्ड, आय, ऋण, फसल की जानकारी और बीमा के बारे में जानकारी शामिल है। जिले में 200 लोक सेवा केन्द्र एवं सामान्य सेवा केन्द्र के माध्यम से किसान पंजीयन का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने सभी पटवारियों को किसानों के पंजीयन एवं डिजिटल फसल सर्वे रबी के कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में शत प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए तहसीलदार को ग्रामवार प्रतिदिन अद्यतन करने के निर्देश दिए। उन्होंने खाता विभाजन के कार्यों में तेजी लाने कहा। राजस्व अभिलेखों में शुद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।


कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीणों से अच्छा संपर्क स्थापित करें और व्हाट्सअप ग्रुप भी बनाए। जिससे ग्रामीणों की समस्याओं और जरूरतों को समय रहते निराकरण किया जा सके। शासकीय की योजनाओं से ग्रामीणों को अधिक से अधिक लाभान्वित करने कहा। उन्होंने हिट एण्ड रन के प्रकरणों को शीघ्र निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने सड़क दुर्घटना के कारण जनहानि होने पर जांच कर प्रतिवेदन शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिससे परिजनों को आर्थिक सहायता राशि समय पर मिल सके। उन्होंने कहा कि जिले में 42 हजार ट्यूबवेल के माध्यम से अंधाधुंध पानी निकलने से भूमिगत जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है।

इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जल संगोष्ठी आयोजित कर ग्रामीणों को जागरूक करने कहा। किसानों को धान की जगह कम पानी उपयोग वाली फसलों के उत्पादन करने के लिए प्रेरित करने कहा। जिससे पानी की खपत कम होगी। उन्होंने बताया कि एक परिवार को वर्ष भर पीने का पानी और अन्य दैनिक जरूरतों के लिए जितना पानी का उपयोग होता है उसका 100 गुना एक एकड़ में धान की फसल लेने के लिए किसान पानी खपत करता है। जिसके कारण भूमिगत जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। उन्होंने कहा कि भूमिगत जल को सिर्फ पेयजल के लिए उपयोग किया जाना चाहिए।

ग्रामीणों को गांव का पानी गांव में रोकने के संबंध में ग्रामीणों से मिलकर कार्ययोजना बनाने कहा, जिससे भूमिगत जल स्तर बना रहेगा। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने बताया कि जल संरक्षण के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में पर्कोलेशन टैंक में इंजेक्शन वेल और बोरवेल रिचार्ज शाफ्ट सैंड फिल्टर का निर्माण किया जाएगा। बैठक में अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, एसडीएम श्री खेमलाल वर्मा, संयुक्त कलेक्टर सरस्वती बंजारे, डिप्टी कलेक्टर श्री अमीय श्रीवास्तव, तहसीलदार श्री मनीष वर्मा सहित राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी उपस्थित थे।

Advertisements

You cannot copy content of this page