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राजनांदगांव : खैरागढ़ को जिला बनाने के मुर्त रुप मे सीएम दिखा रहे सपना – शिव वर्मा…

राजनांदगांव । जिला भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला अध्यक्ष व पार्षद दल के प्रवक्ता शिव वर्मा ने एक जारी बयान में खैरागढ़ को नया जिला बनाने को लेकर कई सवाल उठाये है। एक जारी बयान में श्री शिव ने कहा कि किसी भी जिले के अस्तित्व की बात आती है तो करोड़ों रुपए लगते हैं। इसके साथ भवन, अधिकारियों का सेटअप और बहुत सारी बातें होती हैं। जिसके बिना जिला को मुर्त रुप देना संभव नहीं है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आनन-फानन में अपनी कमजोर प्रत्याशी के हार के डर से नए जिले बनाने की घोषणा कर दी, लेकिन यह कब मूर्त रूप लेगा, इसको लेकर कोई बात नहीं हो रही है।

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राजपत्र में प्रकाशन कर और जालबांधा में नायाब तहसीलदार को बैठा देने से जिले की बात नहीं होती है। ऐसा लग रहा है कि मानपुर मोहला की तरह यह भी जिला कुछ दिन में सपना बनकर रह जाएगा। श्री वर्मा ने कहा कि खैरागढ़ की जनता को सीएम भूपेश बघेल को समझना मुश्किल है क्योंकि पूर्व के विधानसभा चुनाव में किये गये वायदो पर भूपेश बघेल सरकार ने कितनो पर अमल किया है। अगर जांच पड़ताल करें वह हर नागरिक की समझ में स्वयं आ जाएगा ।

खैरागढ़ जिले की घोषणा को लाली पॉप बताते हुए अमल में लाने के लिए भूपेश बघेल आगामी 2023 के पूर्व ही कुछ करेगी। यह एक प्रकार से नए चुनाव जीतने के लिए फिर एक नया हथकंडा है। अब जिले की खैरागढ़ की विधानसभा की जनता को समझना और देखना है कि वह राज्य के मुख्यमंत्री से अपने जिले को लेकर वास्तविक रुप से कुछ कह व कर पाते हैं अथवा केवल जिले का सपना देखते रहेगे।

उन्होंने आगे कहा कि नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायक यशोदा वर्मा निर्णय लेने में अपने पति नीलाम्बर वर्मा और सीएम भूपेश बघेल पर ही निर्भर है। वह खैरागढ़ को नए जिले में मूर्त रूप देने के लिए कितने गंभीरता से दबाव बना पाएगी ,यह अपने आपमें बड़ा सवाल है।

राजा देवव्रत सिंह के नाम का उपयोग कर चुनाव जीतने वाली कांग्रेस उनकी प्रतिमा ,चौक चौराहा ,अन्य काम कर ले या बहुत बड़ी बात है। इस चुनाव में जिला प्रशासन ने सरकारी तंत्र का बड़ा दुरुपयोग कर कांग्रेस प्रत्याशी को जिताया है नहीं तो कांग्रेस प्रत्याशी की स्थिति इतनी शानदार नहीं थी।

यह हमें खैरागढ़ विधानसभा गांव-गांव में फैले भाजपा के कार्यकर्ताओं से बातचीत कर जाना है। हमारी पार्टी का एक बड़ा मत है जिस तरह भाजपा प्रत्याशी का एक मत है तो अपनी-अपनी पार्टी का तय मत आखिर कैसे कांग्रेस प्रत्याशी को डाइवर्ट हो गया। यह बड़ा जांच का विषय है। इसको लेकर जल्द ही पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह व सांसद संतोष पांडे से चर्चा कर पार्टी बैठक में मंथन किया जाएगा।

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