
राजनांदगांव जिले के थाना लालबाग क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पेण्ड्री में घर में घुसकर गाली-गलौज, मारपीट एवं जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों के कब्जे से एक धारदार चाकूनुमा कटारी एवं बांस का डंडा भी जब्त किया गया है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पेण्ड्री निवासी प्रार्थी टुकेश उर्फ बाबू ने थाना लालबाग में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार प्रार्थी के मंगेतर को आरोपी देवीलाल साहू द्वारा जन्मदिन की बधाई देने को लेकर पूर्व में विवाद हुआ था, जिसे आपसी समझौते के बाद सुलझा लिया गया था।
इसके बावजूद दिनांक 01 जनवरी 2026 की शाम करीब 7 बजे आरोपी सुनील मरकाम उर्फ टिर्रू, देवीलाल साहू एवं अन्य आरोपी प्रार्थी के घर पहुंचे और पुरानी बातों को लेकर गाली-गलौज करने लगे। आरोपियों ने घर में घुसकर डंडे से मारपीट की तथा धारदार चाकूनुमा कटारी दिखाकर जान से मारने की धमकी दी।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना लालबाग में अपराध क्रमांक के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 115(2), 351(2), 3(5), 333 बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मुकेश ठाकुर एवं नगर पुलिस अधीक्षक आईपीएस वैशाली जैन के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार साहू के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सुनील मरकाम उर्फ टिर्रू (28 वर्ष) एवं देवीलाल साहू (21 वर्ष), दोनों निवासी अटल आवास पेण्ड्री, थाना लालबाग को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान घटना में प्रयुक्त धारदार चाकूनुमा कटारी एवं बांस का डंडा बरामद किया गया, जिसके बाद प्रकरण में आर्म्स एक्ट की धारा 25 एवं 27 जोड़ी गई।
दोनों आरोपियों के विरुद्ध पूर्व में भी थाना लालबाग में चोरी एवं मारपीट जैसे अपराध दर्ज होना पाया गया है। अपराध प्रमाणित पाए जाने पर दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मामले में शामिल अन्य दो फरार आरोपियों की पतासाजी जारी है।
इस संपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार साहू, उप निरीक्षक अश्वनी यदु, प्रधान आरक्षक मोहन चंदेल, आरक्षक कमल किशोर यादव एवं आरक्षक लेखराम की भूमिका सराहनीय रही।









































