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राजनांदगांव: पिता की हत्या करने वाला आरोपी बेटा गिरफ्तार न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया…

राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भटगुना में पिता की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। आरोपी ने जमीन-जायदाद और पैसों के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में अपने ही पिता के साथ बेरहमी से मारपीट की थी, जिससे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।


पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दिनांक 19 जून 2025 को ग्राम भटगुना निवासी शेख बशीर पिता शेख बिसारत (75 वर्ष) के साथ उनके बेटे शेख सलीम (26 वर्ष) ने हाथ-मुक्कों से मारपीट की थी। गंभीर रूप से घायल शेख बशीर को परिजनों द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगांव में भर्ती कराया गया। पूछताछ के दौरान मृतक की बहू संजू खान ने बताया कि मारपीट शेख सलीम द्वारा की गई थी। इस पर थाना डोंगरगांव में अपराध क्रमांक 201/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 115(2), 351(2) बीएनएस में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।


इलाज के दौरान दिनांक 23 जून 2025 को शेख बशीर की मृत्यु हो गई, जिसके बाद प्रकरण में धारा 109(1) एवं 103(1) बीएनएस जोड़ी गई। मामले की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव सुश्री अंकिता शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री वैशाली जैन एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस डोंगरगांव श्री दिलीप सिसोदिया के दिशा-निर्देश में थाना प्रभारी डोंगरगांव निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर के नेतृत्व में टीम गठित कर आरोपी की पतासाजी की गई।
विवेचना के दौरान आरोपी शेख सलीम से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म स्वीकार किया। आरोपी ने बताया कि उसने अपने पिता से जमीन-जायदाद के पैसों का बंटवारा किसी और को न देने की बात कही थी और अपने छोटे बच्चे के नाम से संपत्ति करने की जिद को लेकर विवाद हुआ था।

इसी रंजिश के चलते उसने पिता के साथ लगातार हाथ-मुक्कों से मारपीट की, जिससे मृतक के चेहरे पर कई जगह फ्रैक्चर, श्वासनली टूटना एवं शरीर के अंदर गंभीर ब्लीडिंग हुई, और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।


पुलिस ने आरोपी शेख सलीम पिता शेख बशीर, उम्र 26 वर्ष, निवासी ग्राम भटगुना, थाना डोंगरगांव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।


इस संपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर, प्रधान आरक्षक संदीप देशमुख, आरक्षक धर्मेन्द्र मांडले, जीतेश साहू एवं चन्द्रप्रकाश हरमुख की भूमिका सराहनीय रही।

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