
*नन्हे बालक यथार्थ भारती ने सुनाई दनदनाते हुए कबीर के दोहे**
राजनांदगांव। समस्त कबीर पंथी समाज चिखली वार्ड 5,6 एवं 10 राजनांदगांव मे सद्गुरु कबीर प्राकटय महोत्सव का आयोजन हुआ। श्री सदगुरु कबीर साहेब के तैलचित्र मे पुष्पमाला पहनाकर सदगुरु कबीर साहेब की आरती उतारकर कार्यक्रम शुभारंभ हुआ। तत्पश्चात आयोजन समिति द्वारा संत विजय साहेब, जितेंद्र साहेब, भूषण साहेब, नियम साहेब, तरुण साहेब, शिव साहेब एवं उपस्थित वरिष्ठ जनों का सम्मान पुष्पमाला पहनाकर चरण बंदगी की।
संतों ने सद्गुरु कबीर साहेब के वाणी को अपने-अपने विचार से सदगुरु कबीर साहेब के जीवन चरित्र को बताया।
कबीर प्राकटय महोत्सव में इंस्पेक्टर व पंडवानी गायिका तरुणा साहू सम्मिलित हुई, साथ वार्ड पार्षद श्रीमति श्रुति जैन, वार्ड पार्षद सुनील साहू, वार्ड पार्षद शिव वर्मा सम्मिलित हुए। अतिथियों ने सदगुरु कबीर साहेब के श्री चरणों में पुष्प गुच्छ भेंट किया। आयोजक समिति द्वारा अतिथियों का बैच लगाकर, गुलदस्ता भेंट कर प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत सम्मान किया। इंस्पेक्टर तरुणा साहू ने संबोधित करते हुए कहा कि बच्चे खूब पढ़े और आगे बढ़े जब तक पढ़ेंगे लिखेंगे नहीं तब तक हमारे अंदर सोचने समझने विचार करने की शक्ति नहीं रहेगी इसलिए उन्होंने बच्चों से खूब पढ़ने और आगे बढ़ाने को कही और उन्होंने पंडवानी गई और जिसको लोग जनमानस ने तारीफ की और उन्हें बहुत-बहुत बधाई दी। वरिष्ठ पार्षद शिव वर्मा ने भी सम्बोधित किया और वार्ड पार्षद श्रीमति श्रुति जैन ने भी संबोधित करते हुए कबीर प्राकटय महोत्सव की बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

*पूर्व महापौर हेमा देशमुख शामिल हुई**
राजनांदगांव नगर निगम के पूर्व महापौर श्रीमती हेमा देशमुख कबीर प्राकटय महोत्सव में सम्मिलित हुई,उन्होंने सदगुरु कबीर साहेब के श्री चरणों में चरण बंदगी की और उन्होंने वार्ड वासियों को संबोधित करते हुए कहा कि सदगुरु कबीर साहेब के कह गए वाणी आज भी जीवित है और उनके वाणी को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य गुरु सतगुरु संत महात्मा कर रहे हैं। उन्होंने सभी वार्ड वासियों एवं नगर वासियों को कबीर प्राकटय महोत्सव की बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित किया। आयोजक समिति द्वारा पूर्व महापौर हेमा देशमुख को प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया।
*नन्हे बालक यथार्थ भारती ने सुनाए कबीर के दोहे**
शांति नगर निवासी यथार्थ भारती नन्हे बालक ने कबीर साहेब के दोहो को सुनाया जिससे लोगों ने उनकी जमकर तारीफ की एवं संतों ने उनके दोहों को सुनकर जमकर तारीफ की और उन्हें जनमानस ने पुरस्कृत भी किया।









































