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राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना से कोविड-19 से मृत व्यक्तियों के बेसहारा, अनाथ बच्चों को नि:शुल्क मिलेगी स्कूली शिक्षा…

राजनांदगांव 05 जून 2021। शासन द्वारा छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना 2021 का क्रियान्वयन छत्तीसगढ राज्य में कोविड -19 महामारी से मृत व्यक्तियों के बेसहारा, अनाथ बच्चों को नि:शुल्क स्कूली शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लागू किया गया है।

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ऐसे बच्चे जो छत्तीसगढ़ का निवासी हो, जिनके परिवार से कमाने वाले माता या पिता या दोनों की मृत्यु कोविड-19 से हुई हो। ऐसे बच्चे जो स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के लिए आयु संबंधी पात्रता रखता है। जिनके घर में कमाने वाले वयस्क सदस्य न रहने के कारण भरण-पोषण की समस्या हो गई हो। ऐसे पात्र बच्चों को प्रदेश के शासकीय शालाओं में नि:शुल्क शिक्षा, राज्य शासन द्वारा संचालित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में प्रवेश में प्राथमिकता दी जाएगी।

जिनके माता पिता दोनों कोरोना से मृत्यु हो गयी है, उनके शिक्षा का संपूर्ण व्यय शासन वहन करेगा। साथ ही विशेष छात्रवृत्ति (कक्षा 1 से 8 तक – 500 रूपये प्रतिमाह एवं कक्षा 9 वीं से 12 वीं – 1000 रूपये प्रतिमाह) उपलब्ध करायी जाएगी। पात्र छात्रों को स्कूल शिक्षा के पश्चात् उच्च शिक्षा हेतु प्रोत्साहन एवं प्रतिभावान छात्रों को व्यवसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु प्रशिक्षण, कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराया जाएगा।

इस हेतु बालक-बालिकाओं एवं उसके माता-पिता के संबंध में आवश्यक दस्तावेज जैसे-आधार कार्ड, परिवार का राशन कार्ड, बालकों का अंतिम शिक्षा का प्रमाण पत्र, मृत माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र, माता-पिता के नाम से उपलब्ध जमीन, फिक्स्ड डिपॉजिट, बैंक में जमा राशि एवं ऋण तथा अन्य प्रापर्टी आदि है। इस योजना का क्रियान्वयन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया जाएगा।

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