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राजनांदगांव : जनचौपाल के माध्यम से प्रशासन द्वारा गांव तक पहुंचकर समस्याओं का किया जा रहा निराकरण – कलेक्टर…

राजनांदगांव 22 दिसम्बर 2021। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा सुदूर वनांचल क्षेत्रों के  विशेष पिछड़ी बैगा जनजातियों के बीच पहुंचकर उनकी मांग और समस्याओं का तत्काल निराकरण कर रहे हैं। कलेक्टर सिन्हा सुशासन सप्ताह के अंतर्गत आज जिले के छुईखदान विकाखण्ड के अंतिम छोर में बसे बैगा जनजाति के ग्राम खर्रा के जिलास्तरीय जनचौपाल में पहुंचे और उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना।

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इस दौरान पुलिस अधीक्षक डी श्रवण एवं जिला पंचायत सीईओ लोकेश चंद्राकर उनके साथ थे। कलेक्टर सिन्हा ने जनचौपाल में लोगों की समस्याओं को सुनकर उनका त्वरित निराकरण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही निर्देशित किया। इस दौरान जनचौपाल में ग्राम बेंगरी के ग्रामवासियों ने बताया कि उन्हें पट्टा मिल चुका है, लेकिन ऑनलाइन नहीं हुआ है। कलेक्टर ने 15 दिन में सभी हितग्राहियों का पट्टा ऑनलाइन एन्ट्री करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कलेक्टर सिन्हा ने जनचौपाल में लाभान्वित हितग्राही 62 वर्षीय श्रीमती सुभद्रा गोड़ से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। श्रीमती गोड़ ने बताया कि शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आंख की जांच की गई और तत्काल चश्मा बनाकर दिया गया। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब उन्हें स्पष्ट दिखाई दे रहा है। इस दौरान पंचायतों में 39 कार्य के लिए 1 करोड़ 29 लाख 57 हजार रूपए की स्वीकृति दी गई।

कलेक्टर सिन्हा ने कहा कि शासन और प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जिले के अंतिम छोर में निवास करने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को जानना और उनका निराकरण करना तथा शासन की योजनाओं का लाभ दिलाना हैं। दूरस्थ अंचलों में रहने वाले बैगा आदिवासी अपनी समस्याओं को लेकर मुख्यालयों तक नहीं पहुंच पाते। इसलिए स्वयं प्रशासन गांव की ओर समस्याओं को दूर करने पहुंचे हैं। सभी नागरिकों को जन चौपाल में योजनाओं का लाभ जरूर लेना चाहिए। शिविर में नेत्र और दंत विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा इलाज किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कोरोना के नये वेरिएंट से कई देश प्रभावित हो रहे हैं। इससे सुरक्षित रहने के लिए कोरोना टीका के दोनों डोज लगवाना जरूरी है। सभी कोरोना के दोनों डोज जरूर लगवाएं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष धान खरीदी की सभी व्यवस्था सुव्यवस्थित तरीके से की गई है। जिससे किसानों को धान बेचने में दिक्कत न हो। उन्होंने कहा कि शासन छत्तीसगढ़ की संस्कृति नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। पशुओं की सुरक्षा, चारा, पानी के लिए गौठान बनाए गए हैं। किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए रोका-छेका अभियान चलाया गया।

कुपोषण को दूर करने छुईखदान में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सरपंच, सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा जनप्रतिनिधियों के सहयोग से कुपोषण दूर किया जा रहा है। इसके अंतर्गत पोषण किट और अतिरिक्त आहार दिया जा रहा है। स्कूलों में शिक्षकों की व्यवस्था की गई। बच्चे को अंग्रेजी में शिक्षा देने अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोला गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए है। पुलिस आम नागरिकों की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहती है। अपनी शिकायतों को उनके समक्ष प्रस्तुत करने से तत्काल समाधान किया जाएगा।

पुलिस अधीक्षक डी श्रवण ने कहा कि जिले के अंतिम छोर में बसे नागरिकों की समस्याओं का निराकरण करने और शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विभिन्न विभाग एक स्थान पर पहुंचे है। हितग्राहियों को इसका भरपूर लाभ लेना चाहिए। शासन द्वारा बच्चे से बुजुर्ग तक सभी वर्गों के लिए योजनाएं लागू की गई है। इन योजनाओं का लाभ शिविर के माध्यम से ले सकते हैं। युवाओं के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की गई है। युवा योजनाबद्ध तरीके से योजनाओं का लाभ ले सकते हैं।

उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग जनसामान्य की सुरक्षा के लिए होते है। कोई भी शिकायत होने पर पुलिस थाने में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। आम नागरिकों से जुडऩे के लिए पुलिस विभाग शिविर में आते हैं। जिला पंचायत सीईओ लोकेश चंद्राकर ने कहा कि सुदूर वनांचल क्षेत्र के नागरिक प्रशासन तक पहुंच नहीं पाते इसके लिए उनकी समस्याओं का निराकरण करने सभी विभाग के अधिकारी जनचौपाल के माध्यम से समस्याओं का निराकरण कर रहे हैं।

जनचौपाल का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रों की मांगों और समस्याओं को जानकर इनका निराकरण करना तथा योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि पंचायत विभाग द्वारा कार्य की स्वीकृति दी गई है। जिससे लोगों को आर्थिक कार्य मिलेगें और इस क्षेत्र का विकास होगा। शिविर के माध्यम से नेत्र जांच, दंत जांच, कुपोषण, गर्भवती महिलाओं की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि बैगा बाहुल्य दुरस्थ क्षेत्र में प्रशासन द्वारा पहुंचकर योजनाओं का लाभ हितग्राहियों दिया जा रहा है।

जन चौपाल में पंचायतों में 39 कार्य के लिए 1 करोड़ 29 लाख 57 हजार रूपए की स्वीकृति दी गई। साथ ही विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा शासन की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किशोरी बालिकाओं का होमोग्लोबीन एवं कुपोषित बच्चों की जांच की गई। बच्चों को प्रोटिन पाऊडर व दवाई दिया गया। नोनी सुरक्षा योजना के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। पंचायत विभाग द्वारा बुजुर्गों को शाल, श्रीफल और छड़ी भेंट की गई।

इस दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर लगाया गया। जिसमें कोरोना टीकाकरण सहित सामान्य बीमारियों की जांच की गई। उल्लेखनीय है कि जिले की विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने और उनके समस्याओं का निराकरण करने के उद्देश्य से छुईखदान विकाखण्ड के ग्राम खर्रा में जिलास्तरीय जनचौपाल का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एसडीएम छुईखदान सुनील शर्मा, एसडीओपी पुलिस गण्डई डॉ. अनुराग झा, जनपद सीईओ प्रकाश तारम सहित जिला स्तरीय अधिकारी व कर्मचारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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