राजनांदगांव : जिले में ब्लैक फंगस के केस पर ध्यान देने की जरूरत : कलेक्टर…

  • ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए सैम्पलिंग बढ़ाने के दिए निर्देश

स्ट्रिक वार रूम में कोविड-19 के संबंध में समीक्षा

Advertisements

राजनांदगांव कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आज दिग्विजय स्टेडियम स्थित डिस्ट्रिक वार रूम में कोविड-19 के संबंध में समीक्षा बैठक में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 संक्रमण की मानिटरिंग के लिए टीम गठित करें। टीम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षा विभाग एवं अन्य विभागों को शामिल करते हुए टीम गठित करें, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सघन निरीक्षण किया जा सकें।

ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए सैम्पलिंग बढ़ाएं। मास्क लगाएं एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाएं। उन्होंने लॉकडाउन के संबंध में चर्चा की। सैम्पल कलेक्शन के संबंध में जानकारी ली एवं वैक्सीनेशन की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में ब्लैक फंगस के केस मिल रहे हैं और इस पर भी ध्यान देने की जरूरत है। डीपीएम गिरिश कुर्रे ने बताया कि ब्लैक फंगस के केस जिले में मिले हंै, जिसमें से एक केस एम्स एवं दूसरा दुर्ग रिफर किया गया है।


कलेक्टर वर्मा ने कहा कि जिले में कोविड-19 संक्रमण का सामना करने के लिए मानव संसाधन पर्याप्त होना चाहिए। उन्होंने अक्षय पात्र फांउडेशन के संबंध में जानकारी ली। इस फांउडेशन द्वारा मरीज के परिजनों को दोनों समय नि:शुल्क भोजन बंसतपुर एवं मेडिकल कॉलेज पेण्ड्री में दिया जा रहा है।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ अजीत वसंत, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, नगर निगम आयुक्त आशुतोष चतुर्वेदी, एडिशनल एसपी कविलाश टंडन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, एसडीएम मुकेश रावटे, डिप्टी कलेक्टर विरेन्द्र सिंह, राहुल रजक, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बीएल कुमरे, डीपीएम गिरीश कुर्रे, शासकीय मेडिकल कालेज से अविन चौधरी, एनसीडी के कन्सल्टेशन विकास राठौर, सहायक नोडल अधिकारी स्वास्थ्य विभाग प्रणय शुक्ला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।