
राजनांदगांव। जिला जेल राजनांदगांव में बंदियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से तीन माह का योग प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। शिविर में बंदियों को नियमित रूप से योगाभ्यास कराया जा रहा है और योग के शारीरिक एवं मानसिक लाभों की जानकारी दी जा रही है।

योग प्रशिक्षण के दौरान बंदियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया जा रहा है। प्रशिक्षकों द्वारा बताया जा रहा है कि नियमित योग से शरीर स्वस्थ और मन शांत रहता है। तनाव कम करने, एकाग्रता बढ़ाने तथा सकारात्मक सोच विकसित करने में भी योग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
पुनर्वास और स्वरोजगार पर जोर
शिविर का उद्देश्य केवल बंदियों को योग सिखाना ही नहीं, बल्कि उनके पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी कदम बढ़ाना है। प्रशिक्षण के माध्यम से बंदियों में अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक जीवनशैली विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि जेल से बाहर आने के बाद वे समाज में बेहतर तरीके से पुनर्स्थापित हो सकें।
इसके साथ ही योग को कौशल के रूप में अपनाकर भविष्य में स्वरोजगार की संभावनाएं तलाशने के लिए भी बंदियों को प्रेरित किया जा रहा है। तीन माह तक चलने वाले इस प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से बंदियों को स्वस्थ जीवनशैली के साथ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।











































