
राजनांदगांव- कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा ने कहा कि जिले में धान की खरीदी लगातार जारी है। धान खरीदी केन्द्र में मिलर्स द्वारा धान का उठाव किया जा रहा है तथा बारदाने की उपलब्धता कराई जा रही है। उन्होंने धान खरीदी केन्द्र में धान खरीदी की व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। धान खरीदी केन्द्र में बारदाना लगातार पहुँचाया जा रहा है और धान का उठाव भी किया जा रहा है। किसी भी केन्द्र में धान खरीदी नहीं रूकनी चाहिए। धान खरीदी में जिन सोसायटियों द्वारा लापरवाही की जा रही है उन पर कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सभी धान खरीदी केन्द्रों में धान की खरीदी लगातार चलनी चाहिए। कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मिलर्स द्वारा प्राप्त बारदाना गुणवत्ता पूर्ण हो यह ध्यान रखा जाए। किसानों द्वारा भी बारदाने लाए जा रहे हैं जिसमें उनके धान की खरीदी लगातार करें। उन्होंने कहा कि धान खरीदी में सभी समन्वय के साथ कार्य करें और सभी संसाधनों का पूरा उपयोग किया जाना चाहिए। धान खरीदी की व्यवस्था के लिए सभी एसडीएम, तहसीलदार तथा नोडल अधिकारियों को मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि धान की गुणवत्ता सही होनी चाहिए। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष ज्यादा धान की खरीदी की जा चुकी है।
जिले में अब तक 1 लाख 20 हजार 94 किसानों ने धान विक्रय किया है।कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा ने गोधन न्याय योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि गौठानों में गोबर की खरीदी तथा वर्मी कम्पोस्ट का निर्माण सुचारू रूप से चलनी चाहिए तथा इसके लिए बनाए एप में एन्ट्री किया जाए। उन्होंने कहा कि वर्मी कम्पोस्ट का विक्रय के लिए योजना बनाए। जिले के बड़े किसान तथा शासकीय विभागों द्वारा इसका उपयोग किया जाए। किसानों को वर्मी कम्पोस्ट खरीदी के लिए प्रेरित करें। इसका विक्रय भी लगातार होना चाहिए। वर्मी कम्पोस्ट विक्रय से आमदनी होने पर गौठान को सेल्फ सस्टेनेबल मॉडल के रूप में तैयार किया जा सकता है। आंकाक्षी जिले के संकेतकों की समीक्षा करते हुए कहा कि स्वास्थ्य और पोषण में गंभीरता से कार्य करने की जरूरत है।
गर्भवती माताओं की एएनसी चेकअप तथा उनकी लगातार मॉनिटरिंग करें। गर्भवती महिलाओं को विभिन्न टीका और दवाईयों की जरूरत होती है, उन्हें उपलब्ध कराएं।कलेक्टर श्री वर्मा ने वनधन केन्द्र के भवन निर्माण की जानकारी लेते हुए कहा कि जिन ठेकेदारों ने निर्माण कार्य पूरा नहीं किया है उन पर कार्रवाई करें। उन्होंने हाट बाजार क्लीनिक योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि जिले के सभी हाट बाजारों में स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रहे और लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएं। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि कोविड-19 की सुरक्षा को देखते हुए इस वर्ष मड़ई-मेले के आयोजन को प्रतिबंध किया गया है। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि इसका आयोजन नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिले में कोविड मरीजों की संख्या में कमी आई है लेकिन कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करना आवश्यक है।
जिले में कोविड-19 की सुरक्षा के लिए मास्क, सोशल डिस्टेसिंग के लिए अभियान चलाया जाए। विभिन्न स्थानों पर भीड़ नियंत्रण करने के लिए लगातार कार्य करें। कोविड वेक्सिनेशन के लिए शहर में सेंटर बनाए गए हैं। सभी सेंटरों में पूरी व्यवस्था होनी चाहिए।कलेक्टर श्री वर्मा ने समय-सीमा में लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि प्रकरणों का निराकरण होने के बाद इसकी जानकारी संबंधित व्यक्तियों को दिया जाए। अवैध प्लाटिंग की शिकायत मिलने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने नामांतरण, बटांकन, सीमांकन, वन अधिकार पत्रों का पुर्नविलोकन, सामुदायिक वन अधिकार पट्टे, सामुदायिक वन संसाधन पत्र सहित अन्य लंबित प्रकरणों की जानकारी ली और निराकरण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अजीत वसंत, वनमंडलाधिकारी राजनांदगांव श्री बीपी सिंह, वनमंडलाधिकारी खैरागढ़ श्री संजय यादव, अपर कलेक्टर श्री हरिकृष्ण शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री चंद्रकांत कौशिक, एसडीएम राजनांदगांव श्री मुकेश रावटे सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए विकासखंड स्तरीय अधिकारी जुड़े रहे।









































