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राजनांदगांव : पुलिस थाना अंबागढ़ चौकी को मिली सफलता, नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर भगा ले जाकर दुष्कर्म करने वाला आरोपी गिरफ्तार…

:> वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन पर पुलिस थाना अंबागढ़ चौकी को मिली सफलता।

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:> आपरेशन मुस्कान के तहत गुम बालिका को किया गया दस्तयाब।

:> नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर भगा ले जाकर दुष्कर्म करने वाला आरोपी को किया गया गिरफ्तार।

राजनांदगांव – पुलिस थाना अम्बागढ़ चौकी अंतर्गत दिनांक 01.11.2021 को एक प्रार्थिया द्वारा थाना आकर रिपोर्ट दर्ज कराया गया कि उसकी नाबालिक लड़की को कोई एक अज्ञात व्यक्ति बहला फुसलाकर अपने साथ भगाकर ले गया,इस रिपोर्ट पर पुलिस थाना अम्बागढ़ चौकी में गुम इंसान क्रमांक- 41/2021 एवं अपराध क्रमांक- 220/2021 धारा 363 भादवि॰ का प्रकरण पंजीबद्ध कर वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन पर गुम सदर बालिका और अज्ञात आरोपी की लगातार पतातलाश किया गया। इसी दौरान सतत पतासाजी पर दिनांक 21.04.2022 को गुम सदर बालिका को आरोपी के कब्जे से दस्तयाबी की गयी और अग्रिम कार्यवाही व विवेचना के दौरान प्रकरण में पीड़िता द्वारा आरोपी मूलचंद मंडावी द्वारा उसे बहला फुसलाकर, नागपुर ले जाकर लगातार दुष्कर्म करने की बात बताये जाने पर प्रकरण में 366, 376 (2)(ढ) भादवि॰ 4, 6 पाक्सो एक्ट जोड़ते हुए मामले के आरोपी मूलचंद मंडावी पिता स्वर्गीय जगन्नाथ मंडावी उम्र 21 साल निवासी कुहीकला थाना गैंदाटोला जिला राजनांदगांव को दिनांक 22.04.2022 को गिरफ्तार किया गया और गिरफ्तारी पश्चात न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय भेजा गया है।

पुरे प्रकरण में श्रीमान् पुलिस अधीक्षक महोदय राजनांदगांव श्री संतोष सिंह के सतत निर्देशन और अति॰पुलिस अधीक्षक महोदय मानपुर श्री पुपलेश कुमार एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी अंबागढ़ चौकी श्री अर्जुन कुर्रे के कुशल मार्गदर्शन में थाना प्रभारी अंबागढ़ चौकी निरीक्षक कार्तिकेश्वर जांगड़े के नेतृत्व में थाना स्टाफ द्वारा पीडिता बालिका को दस्तयाब कर वैधानिक कार्यवाही करते हुए परिजनों को सुपुर्द करने, दुष्कर्म के आरोपी मूलचंद मंडावी को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है।

उक्त संवेदनशील मामले में गुम बालिका को दस्तयाब करने एवं आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी निरीक्षक कार्तिकेश्वर जांगड़े, सहायक उपनिरीक्षक शंकर बर्वे, सहायक उपनिरीक्षक श्याम ठावरे, आरक्षक सुशील राऊत, आरक्षक विजय कुर्रे, महिला आरक्षक कुंती उईके का विशेष योगदान रहा।

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