
राजनांदगांव – छत्तीसगढ़ प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी की मांग को लेकर प्रदेश के कई जिलों की महिलाओं ने पदयात्रा का शुभारंभ डोगरगढ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिरसे पूजा अर्चना कर किया है। पद यात्रा मे प्रदेश भर के दो दर्जन से अधिक महिलाए शामिल है ।आज यह पदयात्रा राजनांदगांव शहर पहुंची है जहां अन्य महिलाओं ने इस पर यात्रा का स्वागत किया। पदयात्रा रविवार 16 जुलाई को रायपूर पहुचकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को ज्ञापन सौपेगी । छत्तीसगढ़ प्रदेश में शराब के नशे का कारोबार काफी फल-फूल रहा है। शराब की वजह से सड़क हादसों से लेकर कई अपराधिक घटनाएं होती है।
जिसके मद्देनजर रखते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश के अलग-अलग कई जिलों से महिलाओं ने प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी की मांग को लेकर पदयात्रा का आगाज राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ स्थित मां बमलेश्वरी के मंदिर से पूजा अर्चना पश्चात किया है। 13 जुलाई से महिलाओं ने “मातृशक्ति के सम्मान में छत्तीसगढ़ में पूर्ण शराबबंदी” पदयात्रा निकाली है। इस दौरान महिलाओं ने कहा कि महिलाओं के साथ अत्याचार, बेटियों से छेड़छाड़ , सड़क हादसे और अपराधिक मामले बढ़ते जा रहे हैं,
जिसमें कहीं ना कहीं शराब भी एक कारण है। प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी करके अपराधिक मामलों में कमी लाने के साथ ही महिलाओं का सम्मान बढ़ाया जा सकता है। शराबबंदी को लेकर पदयात्रा निकाल रही दुर्ग की लक्ष्मी साहू और बलौदा बाजार की श्रीमती निर्मला रजक ने मुख्यमंत्री को पिता स्वरूप मानते हुए कहा कि वह सब घोषणा पूरी कर रहे हैं, तो हमें उम्मीद है कि यहां मांग भी पूरी होगी। महिलाओं ने कहा कि 18 तारीख को विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पूर्ण शराबबंदी की घोषणा करें यह अपील हम कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ प्रदेश में शराबबंदी की मांग काफी लंबे समय से की जा रही है। कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र में भी शराबबंदी का जिक्र शामिल है, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश में शराबबंदी नहीं हुई है। अब महिलाओं ने गैर राजनीतिक तरीके से गांधीवादी विचारधारा के अनुरूप पदयात्रा को अपनाकर शराबबंदी की मांग प्रदेश सरकार से की है।









































