राजनांदगांव कोरोना महामारी के तांडव के बीच सैकड़ों लोग अपनों को खो चुके हैं । कई लोगों ने बकायदा स्वास्थ्य बीमा योजना के नाम से बैंकों में सालाना 330 रूपए का बीमा कराया है । ऐसे बीमा धारक जिनकी मौत कोरोना से होती है तो उन्हें 2 लाख रुपए से अधिक की बीमा राशि मिलेगी । लेकिन बड़ी बात यह है कि इस लाभकारी योजनाओं को बैंकों ने दबाए रखा है और लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहे हैं जानकारी के अभाव में लोग बीमा होने के बाद भी बैंक में क्लेम नहीं कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि जिले में पहले और दूसरे लहर के दौरान जिले भर में 400 से अधिक लोग मौत के आगोश में समा गए हैं । इनमें से कई लोगों ने 330 रूपए सालाना प्रधानमंत्री स्वास्थ्य बीमा भी कराया है इस योजना में मृतक के परिजनों को ना सिर्फ कोरोना संक्रमण की स्वाभाविक मौत से भी बीमा राशि लेने का प्रावधान है।हरिभूमि के पड़ताल में यह बात सामने आई कि जानकारी के अभाव में लोग बैंकों में क्लेम जमा नहीं कर रहे हैं। वहीं कई बैंक जानबूझकर इस योजना को लोगों से दूर रखा जा रहे हैं बैंक अपनी बीमा धारकों को यह जानकारी देने से भी बच रही है।
प्रचार प्रसार नहीं
प्रधानमंत्री ने इस योजना की शुरुआत बड़े ही धूमधाम से की थी । लेकिन जिला स्तर पर बैंक अफसरों द्वारा योजना का प्रचार-प्रसार नहीं किए जाने से लोग इस योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं । भले ही उनके खाते से हर साल बीमा का प्रीमियम राशि कट रही हो लेकिन मौत के बाद भी आवेदन नहीं किए जाने से योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
बेच रहे जेवर और संपत्ति
कोरोना संक्रमण के बाद इसका इलाज इतना महंगा है कि हर किसी के बस की बात नहीं है कई गरीब इलाज कराने के लिए सोना व चांदी तक भेज चुके हैं । ऐसे मरीजों के परिजनों को अस्पतालों द्वारा 5 लाख तक बिल थमाया जा रहा है ऐसे में बिल का भुगतान करना गरीब के साथ मध्यम वर्ग के लिए जमीन खिसकने जैसा है।










































