राजनांदगांव: बजट 2023-24: महापौर हेमा देशमुख ने किया बजट पेश, जानिए क्या खास है…

  ‘‘जय जौहार’’
					‘छत्तीसगढ़ महतारी की जय’’                      
हर दिन, सुदिन हो,
हर मास, मधुर मास हो।                        
हर घड़ी, हर पल हृदय मे,
परम हर्श, उल्लास हो,
हर कदम पर, एक नयी आषा
एक नया विष्वास हो।।
इस पंक्तियों को संस्कारधानी की जनता को समर्पित करते हुए स्थानीय सरकार का बजट पेश करने की अनुमति मैं इस सदन से चाहती हॅॅू।
महोदय, प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के भरोसे के बजट के लिए इस सदन के माध्यम से साधुवाद देते हुये अपनी सरकार का चौथा बजट पेश करते हुए अत्यंत हर्ष है। मुझे याद है कि जब मैने अपनी सरकार का पहला बजट पेश किया था, तब मेरे मन में थोड़ी झिझक जरूर थी कि जो स्वपन प्रदेश के कर्मठ, सेवाभावी और हमारी छत्तीसगढ़ के अस्मिता के प्रतीक माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के कल्याण के लिए देखे हैं,ै हमारा बजट उन्हे पूरा कर रहा है या नहीं। जो जन आकांक्षाएँ जनता को सरकार से है व उनके आसपास है या नहीं। मुझे यह कहते हुए बहुत खुशी है कि प्रदेश सरकार के भरोसे के बजट की अपनी व्यापकता के कारण और सर्व समावेशी स्वरूप के होने के नाते सभी वर्ग द्वारा काफी सराहा गया है।

अब हमारी स्थानीय सरकार ने अपने इस बजट में जो दिशा और योजनाएँ तय की है, उन्हे बजट प्रक्रिया के माध्यम से वित्तीय समर्थन देकर क्रियान्वयन करने के प्रतिबद्धता को हमारी तीन साल के कार्यकाल में जनता का अपार जन समर्थन मिला है। इन सफलताओं ने हमारे उत्तरदायित्व बोध को और गहरा किया है। आज 2023-2024 का बजट पेश करते हुए मैं आत्म विश्वास से भरपूर हूँ, क्योकि हमारा यह बजट लोक मंगलकारी के भावनाओं का विस्तार है। हमसे जनभावनाओं का सम्मान है और उन्हीं सपनों को पूरा करने का प्रयास है। विकास इसका आधार है और सामाजिक सरोकार इसकी पहचान है। 

‘‘गढ़बो नवा राजनांदगांव’’ के संकल्प के साथ हमारी स्थानीय सरकार द्वारा प्रारंभ की गई यात्रा पूरे वेग से आगे बढ़ रही है। राजनांदगांव का गौरवशाली अतीत एवं उसकी विरासत की हमेशा एक अलग पहचान रही है। कस्बे से संस्कारधानी बनने तक के सफर में उन्नति, विश्वास, सहभागिता और सामंजस्य के सभी भाव सम्मलित रहे है। इसी सोच के साथ इस वर्ष भी विभिन्न जनहित योजनाओं के साथ बजट का निर्धारण किया गया है। 

                  सोचने से कहॉ मिलते है, तमन्नाओं के शहर,
                चलने की जिद भी जरूरी है, मंजिलो के लिये।।
    छत्तीसगढ के संवेदनशील यशस्वी मुख्यमंत्री छ.ग. शासन आदरणीय श्री भूपेश बघेल जी का स्वप्न ‘‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ‘’ के परिकल्पना को पूरा करने एवं संस्कृति, परंपरा को बचाने मुख्यमंत्री जी का प्रयास हर क्षेत्र में विकास के रूप में चहुं ओर नजर आ रहा है, चाहे स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ठ विद्यालय योजना के माध्यम से गरीब बच्चों को अंग्रेजी मेे शिक्षा देने की बात हो, या अंग्रेजी माध्यम कॉलेज की बात हो, गोधन न्याय योजना, ऑन लाईन सुविधा से क्षेत्र के निवासियों को घर बैठे भवन अनुज्ञा, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन, गोमास्ता लायसेंस, आधार कार्ड, छत्तीसगढ़ ओलंपिक खेल कूद से पारंपरिक खेलो को बढ़ावा, चाहे प्रदेश स्तर की रामायण प्रतियोगिता या स्लम स्वास्थ्य योजना को ध्यान रखकर (एम.एम.यू.) चलित चिकित्सा वाहन उपलब्ध कराना या फिर धनवंतरी जैनेरिक दवाई दुकान के जरिए लोगों को सस्ती दवाई उपलब्ध कराना, आँगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा पोषक आहार वितरण एवं गर्म भोजन की व्यवस्था करवाने की बात हो। 

चहँु  ओर विकास की लहर फैल चुकी है।  किसान व माटी पुत्र माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी को जितना भी धन्यवाद प्रेषित करे उतना ही कम है। इस कार्य में अपनी सहभागिता देने वाले, नगरीय प्रशासन मंत्री आदरणीय डॉ. शिव कुमार डहेरिया जी, खाद्य एवं प्रभारी मंत्री आदरणीय अमरजीत भगत जी, साथ ही सरकार की योजना को क्रियान्वित करने वाले, राजनांदगांव के सांसद माननीय संतोष पांडे जी, विधायक आदरणीय डॉ. रमन सिंह जी को धन्यवाद प्रेषित करती हूँ।
शहर विकास में जिनका साथ हमेशा रहता है, जिनका हृदय विशाल है उनमें हमारे जनप्रतिनिधिगण, नगर निगम आयुक्त, समस्त अधिकारी व कर्मचारी, व्यापारी वर्ग, सामाजिक संस्थाए, महिला समूह एवं प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मिडिया को धन्यवाद प्रेषित करती हूँ एवं आगे सहयोग की अपेक्षा करती हूँ।

नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा (94) से धारा (100) के अंतर्गत नगर पालिक निगम, राजनांदगांव का वर्ष 2022-23 का पुनरीक्षित बजट एवं वित्तीय वर्ष 2023-2024 के वार्षिक आय-व्यय की स्वीकृति हेतु सदन के समक्ष प्रस्तुत कर रहे है। इस निर्वाचित परिषद का यह चौथा बजट है इसलिये हमने इस बजट में कोई भी नया कर प्रस्तावित नही किया है । हमारा यह प्रयास होगा कि उपलब्ध संसाधनो का अधिकतम उपयोग करते हुए शहर का सर्वांगीण विकास करना एवं नागरिक सुविधाओं और सेवाओं से खुशहाली एवं तरक्की का मार्ग प्रशस्त हो तथा मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध करा सकें। 

        नगर पालिक निगम,राजनांदगांव के वित्तीय वर्ष 2023-24 का आय-व्यय अनुमान पत्रक प्रस्तुत करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। सभापति जी वर्ष 2022-2023 के बजट प्रावधानो के विरूद्ध पुनरीक्षित आय 375 करोड़ 34 लाख 25 हजार रूपये तथा पुनरीक्षित व्यय 393 करोड़ 28 लाख 09 हजार रूपये है। बजट अनुमान अंतर्गत कुल अनुमानित आय 434 करोड़ 22 लाख 35 हजार रूपये तथा व्यय 466 करोड़ 05 लाख 51 हजार रूपये था, जबकि वर्ष 2022-23 में प्रारंभिक अवशेष 31 करोड़ 57 लाख 55 हजार रूपये था। वित्तीय वर्ष 2023-2024 के बजट प्रावधान मे प्रस्तावित आय 449 करोड़ 12 लाख 91 हजार रूपये तथा व्यय 480 करोड़ 23 लाख 03 हजार रूपये है। वर्ष 2023-24 का अनुमानित प्रारंभिक अवशेष राशि 30 करोड़ 87 लाख 67 हजार रूपये की संभावना है, इसे मिलाकर कुल आय 480 करोड़ 58 हजार होता है। इस प्रकार घाटे का बजट 22 लाख 45 हजार रूपये प्रस्तावित है।  

लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत भारतीय संविधान में दी गई संसदीय प्रणाली की व्यवस्था के आधार पर हम और आप संसदीय धर्म का पालन करते हुए इस सदन में उपस्थित हुए है। दलगत राजनीति से उपर उठकर शहर की जनता की भावना के अनुरूप नगर विकास करने की मंशा को लेकर हमने इस बजट को प्रस्तुत करने के पूर्व नगर निगम के सभी निर्वाचित पार्षदों व गणमान्य नागरिकों से राय लेकर उनके सुझावों को इसमें शामिल किया है। इस प्रस्तुत बजट की प्रमुख विशेषताओं पर आपका ध्यान अपेक्षित हैः-

(1) शहरी अर्बन यूपा के जरिये उद्योग लगना – रीपा की तर्ज पर शहरी क्षेत्र के महिला समूहों को विभिन्न रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु 2.00 करोड रूपये का प्रावधान रखा गया है।
(2) लिगेसी वेस्ट सेन्टर का निर्माण – निगम क्षेत्र में 11 एकड भूमि चिन्हांकित कर लिगेसीवेस्ट नई पद्धति के माध्यम से निष्पादन हेतु 2.00 करोड रूपये का प्रावधान रखा गया है।
(3) ई-रिक्शा चार्जिंग सेन्टर निर्माण – नगर में चल रहे ई-रिक्शा वालों को चार्जिंग सेन्टर हेतु शेड निर्माण एवं पार्किंग कर चार्जिंग पाईट हेतु शहर के 10 स्थानों पर चार्जिंग सेन्टर निर्माण हेतु 20.00 लाख रूपये का प्रावधान रखा गया है।


(4) नगर में ट्यूबलर पोल लगाये जाने – नगर में सुगम विद्युत व्यवस्था के लिये 51 वार्डो में ट्यूबलर पोल लगाये जाने हेतु 2.00 करोड रूपये का प्रावधान रखा गया है।
(5) प्रवेश द्वार निर्माण – राजनांदगांव निगम सीमाक्षेत्रांतर्गत विभिन्न स्थानों में प्रवेश द्वार निर्माण कराये जाने हेतु 1.00 करोड रूपये का प्रावधान रखा गया है।
(6) छत्तीगढ़ महतारी प्रतिमा स्थापना – निकाय सीमांतर्गत छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा व छत्तीसगढ़ के त्योहारों को प्रदर्शित करते हुये प्रतिमा स्थापित किये जाने हेतु 50.00 लाख का प्रावधान रखा गया है।


(7) सड़क, चौक चौराहों का सौदर्यीकरण- निकाय क्षेत्र के प्रमुख चौक चौराहो व सड़क का सौदर्यीकरण किये जाने हेतु 4.00 करोड रूपये का प्रावधान रखा गया है।
(8) शहर के बड़े नालो को क्वहर – विभिन्न वार्डाे के बड़े नाली एवं नालों को कव्हर कर, सड़क समतली करण के लिये 1.00 करोड रूपये प्रवाधान रखा गया है।
(9) चौक चौराहो पर शेड निर्माण – महावीर चौक व आम्बेडकर चौक में नागरिकों की सुविधाओं के लिये शेड निर्माण हेतु 50.00 लाख रूपये का प्रावधान रखा गया है।
(10) चौपाटी वेन्डरों के लिये ई-कार्ट – चौपाटी में अस्थाई दुकानों के लिये चौपाटी वेंडरों को ई-कार्ट प्रदाय किये जाने हेतु 2.00 करोड़ रूपये का प्रावधान रखा गया है।
(11) प्रमुख चौक चौराहो में हाईमास्ट लाईट – शहर के प्रमुख चौक चौराहों पर नागरिकांे को सुगम यातायात व विद्युत व्यवस्था उपलब्ध कराने हेतु 2.00 करोड़ रूपये का प्रावधान रखा गया है।


(12) शहर के विभिन्न स्थानों पर डामरीकरण कार्य- शहर में सुगम यातायात व्यवस्था उपलब्ध करने की दृष्टि से विभिन्न वार्डो के सड़कों में डामरीकरण कार्य किये जाने 15.00 करोड रूपये का प्रावधान रखा गया है।
(13) वार्डो में आगंतुको के लिये पथ प्रदर्शक एवं महत्वपूर्ण स्थलों के सूचक – विभिन्न वार्ड मंे साईन बोर्ड एवं पथ पदर्शक सूचक लगाये जाने हेतु 1.00 करोड रूपये का प्रावधान रखा गया है।


(14) चौक चौराहों में जेब्रा क्रासिंग – शहर के प्रमुख मार्गो में मानव क्रासिंग एवं सुगम यातायात के लिये जेब्रा क्रासिंग हेतु 50.00 लाख रूपये का प्रावधान रखा गया है।
(15) शहर में ए.बी.सी. केन्द्र खोला जावेगाा – नगर निगम के 51 वार्डो में आवारा कुत्ते की तादात बढ़ जाने से आवारा कुत्तो की नसबंदी करने के लिए ऐनीमल बर्थ कंट्रोल केन्द्र का निर्माण उपयुक्त स्थल पर किये जाने हेतु 25.00 लाख रूपये का प्रावधान रखा गया है।
(16) छ.ग. ओलंपिक खेल कूद का वार्ड स्तर पर आयोजन – पारंपरिक खेलकूदों को बढ़ावा देने के लिये नगर के प्रत्येक वार्डों में खेल कूद आयोजन कराये जाने हेतु 50.00 लाख का प्रावधान रखा गया है।


(17) रामायण प्रतियोगिता का आयोजन – नगरीय क्षेत्र में रामाणय प्रतियोगिता के आयोजन कराये जाने हेतु 10.00 लाख रूपये का प्रावधान रखा गया है।
(18) राजीव युवा मितान क्लब के माध्यम से सांस्कृतिक व अन्य कार्यक्रमों का आयोजन – वार्डों में गठित राजीव युवा मितान क्लब के द्वारा प्रत्येक वार्डो में सांस्कृतिक व अन्य कार्यक्रमों का आयोजन कराये जाने के लिये 51.00 लाख का प्रावधान रखा गया है।
(19) छत्तीसगढ़ी पारंपरिक गीत एवं नृत्य – छत्तीसगढ़ी पारंपरिक गीत एवं नृत्य को प्रोत्साहन तथा लोक कलाकारों के सम्मान हेतु सांस्कृतिक आयोजन कराये जाने 25.00 लाख रूपये का प्रावधान रखा गया है।


(20) महापौर पारंपरिक खेल महोत्सव एवं साहित्य सम्मान- विलुप्त होती छत्तीसगढ़ी पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित करने के लिये खेल प्रतियोगिता का आयोजन एवं क्षेत्र के साहित्य जगत के विशिष्ट प्रतिभाओं के सम्मान के लिये 25.00 लाख रूपये का प्रावधान रखा गया है।
(21) आंगनबाडी, मितानीन व स्वच्छता दीदी का सम्मान- नगर की मितानीनों, आंगनबाडी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओ एवं स्वच्छता दीदी का महिला दिवस पर सम्मान किये जाने 10.00 लाख रूपये का प्रावधान रखा गया है।
(22) निर्धन छात्राओं को निःशुल्क शिक्षा- नगर निगम सीमाक्षेत्र में स्थित कन्या शालाओं के छात्राओं को, जो शुल्क नहीं दे सकते उन्हें 9वी से निःशुल्क शिक्षा देने 5.00 लाख रूपये का प्रवाधान रखा गया है।


(23) फोटोग्राफी प्रतियोगिता – शहर के फोटोग्राफी के क्षेत्र में इच्छुक कलाकारों को प्रोत्साहित करने 10.00 लाख का प्रावधान रखा गया है।
(24) खेल कलैण्डर एवं चित्रकला प्रतियोगिता – नगर निगम द्वारा शहर मंे खेलों को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न खेल हॉकी, फुटबाल, शतरंज, बैडमिंटन व क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित कर, हॉकी के बच्चों के लिये ग्रीष्मकालीन निःशुल्क प्रशिक्षण शिविर एवं शहर के नवनिहालों के कला को निखारने के लिये नगर स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता के आयोजन कराने 15.00 लाख रूपये का प्रावधान रखा गया है।
(25) शहर में वृहद वृक्षारोपण – नगर को प्रदुषण मुक्त व हरा भरा रखने के उद्देश्य से शहर के रिक्त भूमि पर वृहद वृक्षारोपण किये जाने 50.00 लाख रूपये का प्रावधान रखा गया है।


(26) स्वच्छता एवं सफाई कार्यक्रम – राजनांदगंाव शहर की स्वच्छता एवं सफाई से हर घर को जोड़ने प्रभावित कार्यक्रम संचालित कर हर घर से कचरा पृथक्करण व व्यवस्था सुदृढ़ के लिये 10.00 लाख रूपये का प्रावधान रखा गया है।
अंत में मैं जन आकांक्षाओं के अनुरूप संस्कारधानी के सर्वांगीण विकास मेें समर्पित भाव से एकजुट होकर गढ़बो नवा राजनांदगांव की परिकल्पना को साकार करने का अनुरोध करती हॅॅू।