
’राजनांदगांव, 27 जुलाई 2026 – ’छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, राजनांदगांव क्षेत्र’ द्वारा 04 जिलों में स्थापित किए जा रहे ’स्मार्ट बिजली मीटर’ उपभोक्ताओं के लिए पारदर्शिता, ऊर्जा बचत और सुरक्षा के नए माध्यम बनकर उभरे हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर बिजली बिल नहीं बढ़ाते। ये मीटर केवल वास्तविक खपत के आधार पर सटीक रीडिंग देते हैं और उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत पर बेहतर नियंत्रण रखने में मदद करते हैं।
’स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को 5 बड़े लाभ’-
’1. सटीक बिलिंग एवं रीयल टाइम निगरानी’
स्मार्ट मीटर हर आधे घंटे की खपत रिकॉर्ड करते हैं। उपभोक्ता ”मोर बिजली ऐप” के माध्यम से कभी भी देख सकते हैं कि उनके घर में कितनी बिजली खर्च हो रही है। इससे अनावश्यक उपयोग को समय रहते कम किया जा सकता है और बिल पर नियंत्रण रखा जा सकता है।
’2. अनुबंधित भार से अधिक उपयोग पर अलर्ट’
बिल बढ़ने का एक अन्य प्रमुख कारण ’अनुबंधित भार से अधिक उपयोग’ है। यदि किसी उपभोक्ता के घर का स्वीकृत भार 3 किलो वॉट है और उपयोग 5 किलो वॉट तक किया जा रहा है, तो ’स्मार्ट मीटर स्वयं ही यह जानकारी दे देता है’।
इससे उपभोक्ता समय रहते अपना भार बढ़वाकर पेनल्टी और उच्च दरों से बच सकते हैं।
’3. टैरिफ स्लैब एवं एम-ऊर्जा योजना में पारदर्शिता’
बिल में वृद्धि का कारण गर्मी के महीनों में एसी, कूलर एवं अन्य उपकरणों के अधिक उपयोग से खपत का बढ़ना और उपभोक्ता का उच्च टैरिफ स्लैब में पहुंचना भी है।
’वर्तमान दरें’ः- 0-100 यूनिट ₹4.40 द्य 101-200 ₹4.50 द्य 201-400 ₹6.00 द्य 401-600 ₹7.00 द्य 600 से अधिक ₹8.80 प्रति यूनिट । ”मोर बिजली ऐप” से खपत पर नियमित नजर रखकर उपभोक्ता ’एम-ऊर्जा हाफ बिजली योजना’ का लाभ 400 यूनिट तक सीमित रखकर निरंतर प्राप्त कर सकते हैं।
’4. प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ’
पावर कंपनी ने उपभोक्ताओं से ’प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का लाभ लेकर रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने की अपील की है। इस योजना के तहत 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली और केंद्र सरकार एवं राज्य द्वारा अधिकतम 01 लाख 08 हजार रुपये तक का अनुदान लेकर बिजली बिल को शून्य या न्यूनतम किया जा सकता है।
स्मार्ट मीटर सोलर से उत्पन्न बिजली की नेट-मीटरिंग में भी पूरी पारदर्शिता देता है। स्मार्ट मीटर लगाने का काम समय सीमा में पूर्ण करने के लिए ब्ैच्क्ब्स् की तकनीकी टीमें लगातार मैदानी स्तर पर जुटी हुई हैं।
अब तक घरेलू, गैर-घरेलू और शासकीय विभागों को मिलाकर चार प्रमुख जिलों में बड़े पैमाने पर मीटर स्थापित किए जा चुके हैं, जिनका विवरण निम्नानुसार है –
ऽ राजनांदगांव जिला – कुल 2,05,187 स्मार्ट मीटर स्थापित।
ऽ कबीरधाम (कवर्धा) जिला – कुल 1,12,303 स्मार्ट मीटर लगाए गए।
ऽ खैरागढ़-छुईखदान-गंड़ई जिला – कुल 81,088 कनेक्शनों पर काम पूरा।
ऽ मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिला – कुल 59,064 स्मार्ट मीटर सक्रिय।
अधिकारियों की अपील: अफवाहों पर न दें ध्यान
ब्ैच्क्ब्स् ने सभी सम्मानीय उपभोक्ताओं से पुरजोर अपील की है कि वे सोशल मीडिया या आस-पास फैलने वाली किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों पर भरोसा न करें।
स्मार्ट मीटर लगने से आने वाले समय में उपभोक्ताओं को सटीक बिलिंग मिलेगी और मैन्युअल रीडिंग की गलतियों से छुटकारा मिलेगा। यदि किसी उपभोक्ता को मीटर की कार्यप्रणाली को लेकर कोई शंका है, तो वे तुरंत अपने निकटतम विद्युत संभाग कार्यालय या कंपनी के अधिकृत टोल-फ्री नंबर 1912’ व माध्यमों से संपर्क कर समाधान पा सकते हैं।
मीटर की कार्यक्षमता और बिलिंग को लेकर राजनांदगांव जिले के विद्युत उपभोक्ताओं द्वारा की गई शिकायतों के बाद उन सभी मीटरों की गहन जांच मीटर लैब में कराई गई। जांच में यह पुष्टि हुई है कि मीटरों में किसी भी प्रकार की कोई तकनीकी खराबी या त्रुटि नहीं है, जो स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली की पारदर्शिता को प्रमाणित करती है।
’आम उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू नहीं, सोशल मीडिया पर प्रसारित दावा भ्रामक’सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म, विशेषकर इंस्टाग्राम पर 1 अगस्त से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू किए जाने संबंधी एक भ्रामक एवं तथ्यहीन पोस्ट प्रसारित की जा रही है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ ने स्पष्ट किया है कि यह दावा पूरी तरह गलत है। वास्तविक स्थिति यह है कि प्रीपेड व्यवस्था केवल सरकारी विभागों के बिजली कनेक्शनों पर लागू करने की योजना पर काम किया जा रहा है ।
’आम घरेलू, व्यावसायिक एवं अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू नहीं की जा रही है ।
पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, राजनांदगांव क्षेत्र’ ने जारी विज्ञप्ति में आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें तथा बिजली संबंधी किसी भी जानकारी के लिए केवल अधिकृत एवं आधिकारिक स्रोतों से जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।









































