राजनांदगांव: भीषण गर्मी को देखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों में भी तत्काल ग्रीष्मकालीन अवकाश लागू किया जाए — ऋषि शास्त्री…

राजनांदगांव। जिले सहित पूरे प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के प्रकोप को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए नगर निगम के पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री ने शासन-प्रशासन से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है।मौसम विभाग के अनुसार तापमान लगातार बढ़ रहा है और इसके 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने की संभावना है। 

ऐसी स्थिति में छोटे बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों में बुलाना उनके स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। पालकों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि भीषण गर्मी के बावजूद बच्चों को केंद्रों में उपस्थित होने के लिए बाध्य किया जा रहा है।

  ऋषि शास्त्री ने कहा कि भाजपा सरकार ऐसे गंभीर मुद्दों पर स्वतः संज्ञान लेने में विफल साबित हो रही है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। पहले स्कूलों में देरी से अवकाश घोषित किया गया और अब आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

 उन्होंने बताया कि पालकों की शिकायतों के आधार पर पूर्व में शिक्षा विभाग को पत्र लिखा गया था, जिसके बाद 20 अप्रैल से स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया गया। हालांकि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यह निर्णय 15 अप्रैल से ही लागू किया जाना चाहिए था।

 उन्होंने आगे कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में इन दिनों महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों की भारी भीड़ लगी हुई है। ऐसे माहौल में छोटे बच्चों को बुलाना और बैठाना न केवल अनुचित है, बल्कि यह उनके स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा भी उत्पन्न करता है।
 ऋषि शास्त्री ने मांग की कि केवल अवकाश घोषित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि आंगनबाड़ी के हितग्राहियों को मिलने वाला पोषण आहार भी सूखा राशन के रूप में उनके घर तक पहुंचाया जाए, ताकि बच्चों के पोषण पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

 अंत में उन्होंने कलेक्टर महोदय एवं महिला एवं बाल विकास विभाग से मांग की है कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल प्रभाव से आंगनबाड़ी केंद्रों में भी ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया जाए।