back to top

राजनांदगांव : महापौर एवं कलेक्टर ने लिया मोहारा जल संयंत्रगृह का जायजा…

महापौर ने ग्रीष्म ऋतु के पूर्व संयंत्र का संधारण करने तथा सीएफएल व फिल्टर बेड की सफाई के दिए निर्देश

Advertisements

कलेक्टर ने जल शोधन प्रक्रिया देख, शिवनाथ नदी में रॉ वाटर की ली जानकारी

राजनांदगांव 6 जनवरी। महापौर श्री मधुसूदन यादव एवं कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने मोहारा जल संयंत्रगृह का जायजा लिए। महापौर श्री यादव ने ग्रीष्म ऋतु के पूर्व संयंत्र का संधारण करने सभी पंप दुरूस्त कर आवश्यक समाग्री का पर्याप्त भण्डारण के निर्देश दिए, वही कलेक्टर श्री यादव ने मोहारा के 10, 17 एवं 27 एमएलडी प्लांट का निरीक्षण कर जल शोधन प्रक्रिया देख शिवनाथ नदी में रॉ वाटर के संग्रहण की जानकारी ली।


महापौर श्री यादव मोहारा जल संयंत्रगृह के तीनो प्लांटो का क्रमशः निरीक्षण कर कार्यरत कर्मचारियों की जानकारी लिये, उन्होने कहा कि ग्रीष्म ऋतु के पूर्व एलम, ब्लीचिंग तथा क्लोरिन गैस व अन्य आवश्यक सामाग्री का पर्याप्त भंडारण रखे, पंप आदि को दुरूस्त रखे, अतिरिक्त मोटर भी रखे ताकि खराब होने की स्थिति में बदला जा सकें। उन्होनंे प्लांट के सीएफएल व फिल्टर बेड के अलावा सभी पानी टंकीयो की सफाई करने के भी निर्देश दिए, जिससे आम जनता को गर्मी में सुचारू रूप से पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।


कलेक्टर श्री यादव ने जल शोधन की प्रक्रिया देखी तथा एलम की उपलब्ध मात्रा की जानकारी लेकर गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने कहा। उन्होंने तीनो प्लांट तथा जलशोधन प्रक्रिया की जानकारी ली। आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा ने विस्तार से जलशोधन की जानकारी देते हुये बताया कि मोहारा स्थित शिवनाथ नदी से इंटकवेल के माध्यम से जलशोधन हेतु रॉ वाटर लेकर क्रमशः 27 एमएलडी, 10 एमएलडी पुराने प्लांट तथा अमृत मिशन द्वारा वर्तमान में निर्मित 17 एमएलडी फिल्टर प्लांट में जल शुद्धिकरण की प्रक्रिया की जाती है। इसके पश्चात फिटकरी व क्लोरिंन डाल कर पानी को किटाणु रहित किया जाता है।


आयुक्त ने आगे जानकारी दी कि पानी के उपचार में फिल्टर बेड का इस्तेमाल, तरल पदार्थ से ठोस पदार्थो को अलग करने के लिये किया जाता है। फिल्टर बेड के जरिये पानी को छिद्रपूर्ण माध्यम या फिल्टर से गुजारा जाता है। शुद्धिकरण पश्चात शहर के 15 टंकी में भरने के पश्चात पाईप लाईन के माध्यम से शहर में पेयजल सप्लाई की जाती है।


कलेक्टर श्री यादव ने जलशोधन की प्रक्रिया देखने के पश्चात फिल्टर प्लांट के लेब का निरीक्षण किया और विभिन्न प्रकार के टेस्ट को देख पानी की सप्लाई उचित मानक में है या नहीं की जॉच कर जानकारी लिये। उन्होने कहा कि पाईप लाईन लिकेज एवं गंदा पानी आने की शिकायत का त्वरित निराकरण करे। किसी भी प्रकार की खराबी आने पर आमजनों को भी सूचित करे। उन्होंने शिवनाथ नदी में रॉ वाटर के संग्रहण की जानकारी लेकर कहा कि गर्मी के दिनो में नदी में पानी की कमी होने पर बंाध में स्टोरेज पानी लेने शीघ्र प्रक्रिया करे। इसके अलावा ग्रीष्म ऋतु में पर्याप्त पेयजल सप्लाई के लिए अभी से तैयारी करने निर्देशित किए। उन्हांेने अमृत मिशन एजेसी के ठेकेदार से कहा कि शुद्ध पेयजल सप्लाई में किसी भी प्रकार की कोताही न हो इसका विशेष ध्यान रखे, अगर किसी भी प्रकार की परेशानी आती है तो उसकी सम्पूर्ण जवाबदारी आपकी होगी।


निरीक्षण के दौरान निगम अध्यक्ष श्री टोपेन्द्र सिंह पारस वर्मा, महापौर परिषद के प्रभारी सदस्य श्री सुनील साहू व श्री आलोक श्रोती पार्षद श्री सतीश साहू, श्री अरूण साहू व श्री चंद्रकृत साहू सहित प्र.कार्यपालन अभियंता श्री प्रणय मेश्राम, उप अभियंता श्री अनुप पाण्डे व श्री युवराज कोमरे, प्र.स्वास्थ्य अधिकारी श्री राजेश मिश्रा, अमृत मिशन प्रभारी श्री नितिन पाटिल आदि उपस्थित थे।

Advertisements

You cannot copy content of this page