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राजनांदगांव : महापौर ने राजनांदगांव जिले में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान अंतर्गत अतिरिक्त गर्म भोजन का किया शुभारंभ…

बच्चों के सुपोषण के लिए छत्तीसगढ़ी संस्कृति के अनुरूप खान-पान पर ध्यान देने की जरूरत : महापौर श्रीमती हेमा देशमुख
सुपोषण के लिए सामुदायिक सहभागिता जरूरी
बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण आवश्यक, ताकि मिल सकें आवश्यक पोषण एवं दवाईयां
सुपोषण प्रदर्शनी में उपलब्ध मुनगा, चौलाई, अमारी, लाल भाजी, पालक, मेथी तथा बच्चों के लिए बनाए गए विभिन्न तरह पौष्टिक व्यंजन का किया अवलोकन

राजनांदगांव 16 मई 2022। महापौर श्रीमती हेमा देशमुख ने आज नंदई के आंगनबाड़ी केन्द्र में गंभीर कुपोषित बच्चों तथा एनिमिक गर्भवती महिलाओं में व्याप्त कुपोषण एवं एनिमिया को दूर करने हेतु संपूर्ण राजनांदगांव जिले में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान अंतर्गत अतिरिक्त गर्म भोजन का शुभारंभ किया। महापौर श्रीमती हेमा देशमुख ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ को सुपोषित राज्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे है।

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मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के अंतर्गत इसके लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी संस्कृति एवं यहां का खान-पान समृद्ध है। यहां कई तरह की भाजी उपलब्ध है। वहीं बासी की महत्ता पूरी दूनिया जानती है। उन्होंने कहा कि शहरी परिवेश में हम अपनी संस्कृति से दूर जा रहे हैं। अगर बच्चे को अपनी संस्कृति के अनुरूप अच्छे से खिलायें तो कोई कुपोषित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण आवश्यक है, ताकि सही समय पर पता चलने पर उन्हें आवश्यक पोषण एवं दवाईयां दे सकते हैं। एनिमिक गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य परीक्षण का पता चलने पर पहले ही रोकथाम की जा सकती है। उन्होंने कहा कि पोषण के लिए बड़े-बुजुर्गों में जागरूकता लाने की जरूरत है।


कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती रेणु प्रकाश ने कहा कि बच्चे के परिवार एवं समुदाय उसके पोषण पर विशेष ध्यान दें, तो बच्चा कुपोषित नहीं होगा। सबकी सहभागिता से हमें कुपोषण को दूर करना है। बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन, जनप्रतिनिधि, परिवार, जनसमुदाय, स्वयं सेवी संस्थ्याएं तथा ग्राम पंचायतें मिलकर सुपोषण की दिशा में कार्य करेंगे तो निश्चित ही इसके सुखद परिणाम मिलेगें। इस अवसर पर बच्चों को पौष्टिक गर्म भोजन दिया गया एवं सभी को सुपोषण के लिए आवश्यक विटामिन, प्रोटीन एवं खनिज तत्वों के बारे में जानकारी दी गई तथा फल, सब्जी, भाजी एवं पौष्टिक आहार लेने के लिए कहा गया।

इस दौरान महापौर श्रीमती हेमा देशमुख ने सुपोषण प्रदर्शनी में उपलब्ध मुनगा, चौलाई, अमारी, लाल भाजी, पालक, मेथी तथा बच्चों के लिए बनाए गए विभिन्न तरह पौष्टिक व्यंजन का अवलोकन किया। महापौर ने नन्हे बच्चों को सुपोषण टोकरी उपहार स्वरूप प्रदान की। एनिमिक गर्भवती माताओं को सुपोषण थाली दी गई। यहां बनाई गई सुपोषण रंगोली आकर्षण का केन्द्र रही। इस अवसर पर नगर निगम एमआईसी के सदस्य श्री संतोष पिल्ले, पार्षद श्रीमती दुलारी बाई एवं अन्य पार्षदगण, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका उपस्थित थे।

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