
शासकीय नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में जनसंवाद फाउंडेशन का विश्व मानव अधिकार दिवस सम्पन्न
राजनांदगांवl स्थानीय शासकीय नेहरू महाविद्यालय डोगरगढ में एपीजे अब्दुल कलाम सभागृह में अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस पर शासकीय नैहरु महाविद्यालय व जनसंवाद फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ शासन के राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त राजगामी संपदा न्यास राजनांदगांव के अध्यक्ष विवेक वासनिक तथा अध्यक्षता पूर्व लोकपाल अमलेंदु हाजरा ने की।विशिष्ट अतिथि के रूप में जनसंवाद फाउंडेशन के प्रमुख रविन्द्र मुदिराज ,वरिष्ठ न्यायविद महेश चिरवतकर,दिग्विजय महाविद्यालय के प्राचार्य के०एल० टांडेकर ,प्रेस क्लब डोंगरगढ़ के अध्यक्ष सोन कुमार सिन्हा उपस्थित थे।
अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती की पूजा अर्चना कर कार्यक्रम का शुभांरभ किया गया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि राजगामी संपदा न्यास राजनांदगांव छत्तीसगढ शासन के अध्यक्ष विवेक वासनिक ने कार्यक्रम का आयोजन पर संस्था नेहरू महाविद्यालय व जनसंवाद फाउन्डेशन की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमारे संत महापुरुषों के द्वारा आदिकाल से समाज को एकसूत्र में बांधे रखने का कार्य किया गया है ।जिसके कारण कभी मानव अधिकार को लेकर वाद विवाद की स्थिति उत्पन्न नही हुईं। श्री वासनिक ने आगे कहा कि हम अनेक भाषाओं व धर्म जाति पंथ में बंटे है फिर भी सविधान के कारण एक सूत्र में एकता के साथ बंधे हुए है । समाज में गरीब,शोषित वर्ग के उत्थान का आधार स्तम्भ मानव अधिकार है और अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जनभागीदारी की आवश्यकता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व लोकपाल अमलेंदु हाजरा ने कहा कि कानून के द्वारा प्रदत्त लाभदायक परिस्थिति ही अधिकार है जो भारत के संविधान में प्रत्येक नागरिकों को उनकी स्वतंत्रता, समानता के साथ विभिन्न अधिकार के रुप मे प्राप्त है ।आर्थिक, समाजिक,स्वंतत्रता का अधिकार मानव अधिकार के अंतर्गत आता है ।हमारी संस्कृति में सर्वे भवंतुसुखिनःधेयय वाक्य मानव अधिकार को प्रदर्शित करता है। समस्त शासकीय योजनाएं मानव अधिकार का सरंक्षण करती है ।इस सम्बंध में उन्होंने विस्तार से उदाहरण भी प्रस्तुत किया । कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार व जनसंवाद फाउन्डेशन के प्रमुख रविन्द्र मुदिराज ने कहा कि न्यायालय की स्वतंत्रता व पत्रकारिता की सक्रियता लोकतंत्र का प्रमुख आधार है ।
उन्होंने लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ प्रेस पर हो रहे हमले पर गम्भीर चिंता करते हुए कहा कि मीडिया जनता की आवाज होती है जो मानवीय संवेदनाओ को शासन प्रशासन तक पहुचाने का कार्य करती है लोकतंत्र को बचाये रखने के लिए आलोचना आवश्यक है।इसके साथ ही पत्रकार बंधुओ की सुरक्षा के लिए तत्काल आवश्यक पहल होनी चाहिए। दिग्विजय महाविद्यालय राजनांदगांव के प्राचार्य श्री के०एल० टांडेकर ने कहा कि मानव अधिकारो के प्रति लोगो के बीच जागरूकता लाने की आवश्यकता है।संविधान में दिए गए अधिकार मानव अधिकार के अंतर्गत आते है ।विद्यार्थी देश के भविष्य है और महाविद्यालय के विद्यार्थियों को देश के आर्थिक ,समाजिक ,राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ना चाहिए जिसके लिए उन्होंने समाचार पत्र,टीवी चैनलों की रिपोर्टिंग, महापुरुषों एवं अच्छे लेखकों के लिखित पुस्तकों पठन मनन के लिए जोर दिया जाए तो विद्यार्थी ज्ञानवान होगा।
विशिष्ट अतिथि प्रेस क्लब डोंगरगढ़ के अध्यक्ष सोन कुमार सिन्हा ने कहा कि भारतीय संविधान विभिन्न अधिकारों का वर्णन करता है लेकिन उसके सरंक्षण के लिए शासन के पास कोई निष्पक्ष एजेंसी नही है जिसके कारण मानव अधिकारों का हनन हो रहा है और प्रार्थी को न्याय नही मिल पा रहा है। मानव अधिकार आयोग के अधिकारी कुछ नही कर पा रहे है इस लिए व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता है ।विशिष्ट अतिथि न्यायविद महेश चितवर्कर ने कहा कि मानव अधिकार अधिनियम की धारा 12 ज में उल्लेखित प्रावधानों के परिपालन नही हो पा रहा है जिसके कारण प्रदेश का जनमानस अधिकारों को लेकर अनभिज्ञ है। इस अवसर पर महाविद्यालय के विद्यार्थियों क्रमशः कु० गायत्री नेताम ,डाकेश्वर वर्मा,राकेश साहू,अरविंद,कु० पायल कु०,विधि,सहित अन्य विध्धाथियो ने मानव अधिकार दिवस पर अपने अपने विचार रखे और भिन्नं भिन्न प्रश्न भी पूछे जिसका तुरन्त पूर्व लोकपाल अमलेंदु हाजरा ने जवाब देते हुए कहा कि व्यक्ति के जीवन मे स्वतंत्रता ,समानता,व गरिमा का संरक्षण मानव अधिकार करता है मानव अधिकार आयोग के समक्ष कोई भी व्यक्ति सादे कागज में बिना किसी शुक्ल के आवेदन कर सकता है। कार्यक्रम के अंत मे महाविद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियो को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में नेहरु महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य रेवती मैडम, प्राध्यापक डॉ प्रदीप जम्बुलकर ,कु प्रतिभा सिंह ,डां श्रीमती मेघावनी तुर्रा ,डाक्टर बी आर शिवहरे सहित सभी स्टाफ मौजूद थे ।कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ मुन्ना लाल नन्देश्वर ने तथा आभार प्रदर्शन प्राध्यापक आशा चौधरी ने किया









































