
राजनांदगांव – शहर में अब तक सामान, नगदी सहित अन्य की चोरी की घटनाएं होते रही है। इस तरह की घटनाओं के परे अब मुक्तिधाम से अंतिम संस्कार के बाद अस्थियां गायब होने की घटनाएं सामने आ रही है। इस तरह की घटना होने से शहर में हड़कंप मच गया है। इस तरह की घटनाएं बीते एक साल से हो रही है।
जानकारी के अनुसार इस घटना का खुलासा जयस्तंभ चौक निवासी सिद्धगोपाल नरेडी की धर्मपत्नि राजकुमारी बाई नरेडी के निधन के बाद तब हुआ जब अस्थि विसर्जन के लिए परिजन पहुंचे तो खोपड़ी नहीं मिली। कहा जा रहा है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने रात को राख को हटाकर खोपड़ी गायब कर दिया। इस घटना को तांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ाकर देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार पूर्व में भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी है। इस घटना को शहर में व्यापक चर्चा है। घटना सामने आने के बाद परिजन अब थाने में शिकायत करने की तैयारी में हैं। अस्थि के ढेर से मृतक की खोपड़ी के अलावा अन्य हिस्से की भी हड्डियां भी गायब होने की जानकारी सामने आई है।
नवरात्र में आते हैं बाहर के तांत्रिक
उल्लेखनीय है कि श्मषान घाट वर्षों पहले से तांत्रिक सिद्धी के स्थल के रूप में प्रसिद्ध रहा है। बगलामुखी माता भगवती के दरबार में नवरात्रि के दौरान तांत्रिक तपस्या एवं पूजा पाठ करने आते रहे है। 2014-15 में एक तांत्रिक को जलती चिता से शारिरीक अंग निकालकर खाते देखा गया था। लोगों की नजर पड़ने के बाद तांत्रिक भाग खड़ा हुआ था। बताया जाता है कि साल भर पूर्व नरेडी परिवार के सूरज नरेडी की मौत के बाद अस्थि विसर्जन के लिए पहुंचे परिजनों को उसकी खोपड़ी नहीं मिली थी।
घटना से शहर में दहशत
उक्त घटना के बाद शहर में दहशत का माहौल बना हुआ है। दाह संस्कार के बाद अस्थियों का गायब होना चिंता का विषय है।
इस तरह की घटना से छिरपानी मुक्तिधाम की व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे है। बताया जाता है कि यहां चौकीदार की कमी है। वहीं कुछ लोगों ने श्मषान घाट को अघोषित पार्किंग स्थल बना लिया है। यहां पशुओं का जमघट लगा रहता है साथ जहां तहां गंदगी देखा जा सकता है।









































