
नगर निगम द्वारा निवेश क्षेत्र में 5000 वर्गफुट तक के आवासीय भवनों के अब तक 566 प्रकरण पर सीधे भवन अनुज्ञा जारी
राजनांदगांव 21 नवम्बर। माननीय मुख्यमंत्री जी की मंशा अनुरूप शासन द्वारा बिना किसी कठिनाई के आम नागरिकों को व्यावहारिक, सरल एवं पारदर्शी तौर पर सीधे लाभ पहुंचाने सरलीकृत ऑनलाइन प्रक्रिया अंतर्गत“ बिल्डिंग परमिशन मैनेजमेंट सिस्टम” (बी.पी.एम.एस) सर्वर पर 5000 वर्गफुट तक आवासीय भवनों में बिना मानवीय हस्तक्षेप के मात्र 1.00 रूपये प्रक्रिया शुल्क पर डायरेक्ट भवन अनुज्ञा जारी करने 3 जनवरी 2022 से योजना प्रारंभ की गयी। इस सरलीकृत ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत योजना के प्रारंभ तिथि से अब तक नगर निगम द्वारा 566 आवेदकों को योजना का शत प्रतिशत लाभ पहुँचाया गया है।
उक्त योजना के तहत नगर निगम में पंजीकृत आर्किटेक्ट/इंजीनियर (भू स्वामी द्वारा अधिकृत आवेदक) द्वारा आवेदन अपलोड करने पर सिस्टम द्वारा स्वतः ही परीक्षण (भूमि विकास नियम एवं एवं भू सम्बन्धी नियम शामिल), स्वचालित ले-आउट प्लान स्क्रीनिंग उपरांत प्रक्रिया शुल्क अदा करने पर सीधे नियमानुसार सशर्त भवन अनुज्ञा प्रमाण पत्र जारी हो जाता है, जिससे हितग्राही को कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं है ऐसे प्रकरणों में स्थल निरीक्षण किया जाता है
जिनमें दस्तावेज एवं आवेदक द्वारा दी गयी जानकारी में असमान्यता होती है, विकास अनुज्ञा स्वीकृत होने उपरांत कर्मकार शुल्क एवं निगम अन्य शुल्क (अनुज्ञा, नगर सुधार, जलकर, रेन वाटर एवं विकास शुल्क) राशि ऑनलाइन जमा करने उपरांत अंतिम रूप से भवन अनुज्ञा की सैद्दांतिक मंजूरी दी जाती है।
योजना के क्रियान्वयन के संबंध में नगर निगम आयुक्त डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि उपर्युक्त प्रक्रिया से आवेदक/आम नागरिकों को निगम कार्यालय के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं होगी, स्थल निरीक्षण एवं शुल्क अदायगी में लगने वाला समय की बचत के चलते भवन अनुज्ञा में लगने वाले 30 दिवस का समय कम होकर त्वरित ही सरल एवं पारदर्शी भवन अनुज्ञा का लाभ आवेदक को घर बैठे ही प्राप्त हो रहा है, जिससे आम नागरिकों में संतोष व्याप्त है।
साथ ही नगर निगम द्वारा भवन अनुज्ञा के लिये प्रक्रिया में लगने वाले समय के कारण निगम की छवि भी धुमिल होती थी, उससे भी छुटकारा मिल रहा है। उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा अब तक 566 आवेदकों को योजना के तहत 1 रूपये प्रक्रिया शुल्क पर सीधे भवन अनुज्ञा जारी किया गया।
योजना के लाभान्वित आवेदक श्री जेठानंद मंगवानी ने डायरेक्ट भवन अनुज्ञा के सम्बन्ध में अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि मेरे द्वारा दिनांक 05.09.2022 को खंडलवाल कालोनी में मकान बनाने आवेदन करते ही 1 रूपया शुल्क जमा कर भवन अनुज्ञा प्राप्त हो गया, जिसके चलते तत्काल बैंक से होम लोन की प्रक्रिया कर निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया, आज मेरा भवन छज्जा लेवल तक पूर्ण हो चुका है।
मतलब मात्र 02 महीने में इस लेवल तक काम पहुँच गया, इसी प्रकार श्रीमती आशा सारथी ध.प. श्री अशोक सारथी ने बताया कि मेरे द्वारा 23 अपै्रल 2022 को कौरिनभाठा साई दर्शन कालोनी में मकान बनाने 1 रूपये शुल्क में भवन अनुज्ञा के लिये आवेदन प्रस्तुत किया गया, आवेदन करते ही मुझे अनुज्ञा प्राप्त हुआ, जिससे मकान निर्माण प्रारंभ किया और आज मेरा मकान छज्जा लेबल तक पूर्ण हो चुका है।
उन्होंने बताया कि जहां पर पूर्व की प्रक्रिया में केवल अनुज्ञा लेने में ही 02 महीने से अधिक समय लग जाता था, वो अब 2 माह में आधा मकान बन गया, जिससे हमारा समय व पैसे दोनों की बचत हुई। उन्होंने कहा कि हमारा यह भवन निर्माण बिना किसी शासकीय प्रक्रिया के अवरोध के प्रगति पर है जिसके लिए हम माननीय मुख्यमंत्री जी का हृदय से आभार व्यक्त करते है।









































