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राजनांदगांव : युवा किसान दक्ष वैद्य बने कृषि क्रांति के प्रतीक,कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने किया सम्मानित…



खेती में नई तकनीकों को अपनाने और उन्नत कृषि को बढ़ावा देने के लिए प्रदान किया गया सम्मान

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राजनांदगांव। भाजपा किसान मोर्चा सोशल मीडिया प्रदेश सहप्रभारी एवं हिन्द सेना युवा ब्रिगेड राष्ट्रीय अध्यक्ष दक्ष वैद्य साहू को कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीकों के अपनाने तथा प्रदेश के किसानों को उन्नत खेती की दिशा में प्रेरित करने के लिए राज्य के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने सम्मानित किया। यह सम्मान कार्यक्रम ‘फार्म टू फार्मर’ में प्रदान किया गया, जो रायपुर के प्रतिष्ठित होटल बेबीलॉन में संपन्न हुआ।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामविचार नेताम ने दक्ष वैद्य साहू को मोमेंटो भेंट कर सम्मानित करते हुए उनके कृषि क्षेत्र में किए जा रहे अभूतपूर्व कार्यों की हार्दिक सराहना की। मंत्री रामविचार नेताम ने विशेष रूप से श्री वैद्य के द्वारा किसानों के बीच उन्नत कृषि तकनीकों के प्रचार-प्रसार तथा जागरूकता अभियान चलाने के प्रयासों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने श्री वैद्य को उनके उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं प्रदान कीं तथा कहा कि ऐसे युवा किसान ही छत्तीसगढ़ की कृषि क्रांति के सच्चे परिचायक हैं।


इस अवसर पर दक्ष वैद्य साहू ने उपस्थित किसान भाइयों को संबोधित करते हुए परंपरागत खेती की सीमाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसानों को अब पुरानी पद्धतियों से हटकर आधुनिक एवं वैज्ञानिक तरीकों को अपनाना होगा, यही उनकी समृद्धि का आधार है। खेतों में एक ही प्रकार की फसल की बार-बार बुआई से न केवल आय में कमी आती है, बल्कि मिट्टी की उर्वराशक्ति भी तेजी से घट जाती है। इसलिए, फसल चक्रण (क्रॉप रोटेशन) की प्रक्रिया को अपनाना अत्यंत आवश्यक है, जो मिट्टी की सेहत सुधारने के साथ-साथ दोगुनी आय सुनिश्चित करती है।


श्री वैद्य ने दलहन एवं तिलहन फसलों पर विशेष बल देते हुए बताया कि अरहर, मूंग, मसूर, उड़द जैसी दलहन फसलें तथा मूंगफली, सोयाबीन, तिल, रमतिल, अलसी जैसी तिलहन फसलें न्यूनतम लागत में अधिकतम लाभ प्रदान करती हैं। इनकी खेती से किसान न केवल आर्थिक रूप से मजबूत होते हैं, बल्कि बाजार में भी अच्छी मांग रहती है। इसी क्रम में उन्होंने गन्ने की खेती को अत्यंत लाभकारी बताया। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बालोद जिले में मां दंतेश्वरी सहकारी शक्कर कारखाना, कवर्धा में भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना सहित अन्य जिलों में स्थापित शक्कर कारखानों ने गन्ना उत्पादकों के लिए सुनहरे अवसर खोले हैं। इन कारखानों में गन्ने की भरपूर मांग है तथा किसानों को सदस्यता प्रदान कर लाभांश भी वितरित किया जाता है, जिससे गन्ना उत्पादन में दोहरी कमाई का लाभ मिलता है।


श्री वैद्य ने अंत में केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा किसान हित में संचालित योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी, उन्होंने किसानों से अपील की कि इन योजनाओं का अधिकतम उपयोग कर अपनी आय दोगुनी करें।यह सम्मान न केवल दक्ष वैद्य साहू के व्यक्तिगत प्रयासों को मान्यता प्रदान करता है,बल्कि छत्तीसगढ़ के युवा किसानों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण भी स्थापित करता है।

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