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राजनांदगांव : राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत स्ट्रीट वेडर आत्म निर्भर निधि योजनांतर्गत ऋण लेकर इंकेश साहू हुआ आत्म निर्भर…

इंकेश साहू ने कहा योजना का लाभ लेकर मैं फर्श से अर्श तक का सफर तय किया

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राजनांदगांव 6 नवम्बर। कोरोना महामारी के बाद बहुत से परिवारों के समक्ष आजीविका चलाना कठिन होकर प्रश्न चिन्ह के समान हो गयी है। कई लोग अपने व्यवसाय व नौकरी को खो चुके है तथा मानसिक व आर्थिक तंगी के मौहोल में अपना व परिवार का जीवन चलाना मुश्किल हो गया है।

ऐसी स्थिति में राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत संचालित योजनाओं का सहारा लेकर लोग फिर से आत्म निर्भर बन अपने परिवार का कुशलता से भरण पोषण कर रहे है। इसका जीता जागता उदाहरण राहुल नगर राजनांदगांव निवासी श्री इंकेश साहू है। जिन्होंने प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेडर आत्म निर्भर निधि अंतर्गत ऋण लेकर अपना व्यवसाय पुनः प्रारंभ किया।


उल्लेखनीय है कि शासन की राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत क्रियान्वित अनेक योजनाएं संचालित हो रही है, जिससे प्रशिक्षण प्राप्त कर महिला समूह एवं महिला व पुरूष आत्म निर्भर बन रहे है। योजना के संचालन में राजनांदगांव नगर निगम द्वारा राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत संचालित हितग्राही मूलक योजनाओं का परियोजना अधिकारी एवं निगम आयुक्त डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी के नेतृत्व में कुशलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है।

जिसमें योजना के प्रभारी श्री राम कश्यप एवं टीम विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये महिला समूह एवं नागरिकों को प्रशिक्षण व लोन देकर आत्म निर्भर बना रहे है। योजनाओ में प्रधानमंत्री स्व निधि योजना जिसमें ठेले, खोमचे, पसरा व छोटे व्यवसायियों को लोन देने का प्रावधान है, योजना के तहत राहुल नगर निवासी श्री इंकेश साहू ने 10 हजार ऋण लेकर अपना जूता चप्पल का व्यवसाय जो कोरोना महामारी के समय बंद हो गया था उसे पुनः प्रारंभ किया।


श्री इंकेश साहू ने बताया कि मैं सडक के किनारे जूता चप्पल का दुकान लगाकर अपने परिवार का भरण पोषण करता था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण दो साल से मेरा व्यवसाय बंद हो गया था, जिससे मेरा परिवार का भरण पोषण करना दुर्लभ हो गया था।

इसी बीच नगर निगम में सम्पर्क करने पर शहरी पथ विक्र्रेता आत्म निर्भर निधि योजना की जानकारी हुई और मैं योजना के अंतर्गत 10 हजार रूपये का ऋण लेकर अपने जूता चप्पल का व्यवसाय पुनः प्रारंभ किया जिससे मुझे आमदनी हुई और आज मैं सडक से वाहन (वेन) के माध्यम से अपने व्यवसाय का संचालन कर रहा हूॅ और अपने परिवार का अच्छे से पालन पोषण कर रहा हूॅ। इस प्रकार मैं नगर निगम एवं बैक की मदद से फर्श से अर्श तक का सफर तय कर खुशी से जीवन यापन कर रहा हॅॅू।

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