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राजनांदगांव : लॉ एण्ड ऑर्डर की स्थित निर्मित होने पर भीड को नियंत्रण करने के लिए रक्षित आरक्षी केंद्र में किया गया पूर्व अभ्यास…

राजनांदगांव – उग्र भीड़ को नियंत्रित कर लॉ एण्ड ऑर्डर की स्थित निर्मित होने पर, समाज में शांति व्यवस्था कायम रखने के उद्देश्य से, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन, राजनांदगांव व्दारा  रक्षित आरक्षी  केंद्र में पूर्व अभ्यास किया गया। और भीड को नियंत्रण करने के गुर बताये गये ।

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अपनी मांगों को लेकर जन समूह के द्वारा आंदोलन के दौरान कई बार अप्रिय स्थिति निर्मित हो जाती है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग भी करना पड़ता है, ऐसे में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के द्वारा अपनी तैयारियों को परखने के लिए राजनांदगांव जिले,के रक्षित आरक्षी केंद्र में पूर्वाभ्यास किया गया। इस दौरान पुलिस के ही लोगों की एक टुकड़ी आम जनता के रूप में बनाई गई, तो वहीं दूसरी ओर इस अनियंत्रित भीड़ को रोकने पुलिस भी दल बल के साथ मौजूद रही। आंदोलनकारी पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड को तोड़ते हुए आगे बढ़ना चाह रहे थे,

तभी पुलिस के द्वारा वाटर कैनन का उपयोग कर भीड़ को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया गया, वही अश्रु गैस छोड़कर भीड़ को खदेड़ने सहित लाठीचार्ज की स्थिति निर्मित होने पर लाठी चार्ज करने के तरीके और घायल व्यक्ति को त्वरित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने पूर्वाभ्यास किया गया। इस पूर्वाभ्यास को लेकर राजनांदगांव  एडिशनल कलेक्टर सीएल मारकेण्डय नेकहा कि कई बार अभिमंत्रित भीड़ को नियंत्रित करते हुए कुछ खामियां समझ आती है, इन खामियों को दूर करने के लिए पूर्व अभ्यास किया गया है।

रक्षित आरक्षी केंद्र में किए गए इस पूर्व अभ्यास के दौरान अनियंत्रित भीड़ पर कब वाटर कैनन का प्रयोग करना है और किस स्थिति में अश्रु गैस व लाठीचार्ज किया जाना है, इसके बारे में पुलिसकर्मियों को बारीकी से समझाया गया। वहीं लाठीचार्ज का आदेश मिलने के बाद लाठी चार्ज करने के तरीके और भगदड़ की स्थिति निर्मित होने पर घायल व्यक्तियों को त्वरित उपचार मुहैया कराने सहित अपनी सभी तैयारियां पुख्ता किए जाने को लेकर सीख दी गई।

इस पूर्वाभ्यास के दौरान जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे और परिस्थितियों पर गौर करते हुए पुलिस जवानों व थाना प्रभारियों को कई निर्देश भी दिए ताकि कभी इस तरह की अप्रिय घटना होने की स्थिति में भीड़ को आसानी से नियंत्रित किया जा सके और लोगों के जानमाल की सुरक्षा भी हो सके ।

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