
असंगठित कामगारो के लिए प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना एवं

राजनांदगांव 3 फरवरी। भारत शासन श्रम एंव रोजगार मंत्रालय द्वारा असंगठित क्षेत्र के श्रमिको को 60 वर्ष की आयु के पश्चात मासिक पेंशन प्रदाय करने के लिए प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना प्रारंभ की गयी है। इसी प्रकार व्यापारियो और स्व रोजगारियो के लिए राष्ट्रीय पेंशन योजना लागू की गयी है। केन्द्र सरकार की उक्त दोनो योजना का महापौर श्री मधुसूदन यादव ने निगम सीमाक्षेत्र निवासरत असंगठित श्रमिको एवं छोटे व्यापारियो और स्व रोजगारियो को ऑनलाईन आवेदन कर योजना का लाभ लेने की अपील की है। उन्हांेने कहा कि 18 से 40 वर्ष आयु के असंगठित श्रमिक योजना में शामिल होकर 60 वर्ष की आयु के पश्चात प्रत्येक श्रमिक 3 हजार रूपये न्युनतम पेंशन प्रतिमाह प्राप्त कर सकते है। इसी प्रकार छोटे व्यवसायी व स्व रोजगारी भी योजना में शामिल होकर 60 वर्ष की आयु के पश्चात 3 हजार रूपये प्रतिमाह निश्चित पेंशन प्राप्त कर सकते है।
योजना के संबंध में नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना में असंगठत श्रमिक जैसे फुटकर विक्रेता, रिक्शा चालक, निर्माण श्रमिक, घरेलू श्रमिक, कचरा बीनने वाले, कृषि श्रमिक, बीडी श्रमिक, मोची, हस्तकरधा श्रमिक, धोबी, चमडे का काम करने वाले श्रमिक, अंतर्राज्यीय श्रमिक और इस तरह 125 व्यवसायो में कार्यरत श्रमिको जिनकी मासिक आय रूपये 15000 से कम हो योजना में शामिल होगे। उन्हांेने बताया कि इस योजना के तहत 55 से 200 तक अलग अलग आयु समूह के अनुसार प्रतिमाह अंशदान देय होगा एवं अंशदान के बराबर की राशि भारत शासन श्रम मंत्रालय द्वारा देय होगी। योजना में शामिल श्रमिक की 60 वर्ष पूर्व मृत्यु हो जाने पर उसके नामित द्वारा निर्धारित अंशदान देय होगा एवं मृत्यु की स्थिति में नामित को 50 प्रतिशत पेंशन देय होगी।
साथ ही यदि कोई अंशदाता 60 वर्ष की आयु के पूर्व योजना से बाहर होना चाहता है, तो उसे उस समय तक उसके खाते में जमा राशि नये ब्याज के साथ एकमुश्त वापस कर दिया जाएगा। योजना का क्रियान्वयन भारतीय जीवन बीमा के सहयोग से किया जावेगा।
आयुक्त श्री विश्वकर्मा ने व्यापारियो एवं स्वरोजगारियो हेतु राष्ट्रीय पेशन योजना के संबंध में बताया कि यह योजना उन खुदना दुकानदारो, छोटे व्यापारियो और स्व नियोजित व्यक्तियों जिनका वार्षिक कारोबार 1.50 करोड से अधिक न हो। केन्द्र सराकर ग्राहक के खाते में ग्राहक के बराबर राशि का अंशदान करती है तथा यह एक स्वेच्छिक योजना है जिसमें ग्राहक को नियमित रूप से योगदान करना होता है।
यह योजना नौकरी बदलने पर भी पोर्टेबल (साथ ले जाने योग्य) है। उन्होने बताया कि इसका उद्देश्य सेवानिवृत्ति के पश्चात व्यापारियो को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है। साथ ही ग्राहक की मृत्यु होने पर जीवनसाथी को पेंशन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप मंे मिलता है। उन्होंने कहा कि संक्षेप में यह योजना छोटे व्यापारियो व दुकानदारो के लिए बुढ़ापे में आर्थिक सहारा देने के लिए है, जिसमें सरकार उनके साथ मिलकर पेंशन फण्ड बनाती है। योजना का लाभ लेने आवेदन किसी भी नजदिकी लोकसेवा केन्द्र व च्वाईस सेन्टर में अपना व नामित का आधार कार्ड, बैंक खाता एवं मोबाईल नम्बर लेजाकर किया जा सकता है।









































