राजनांदगांव: शादी शिफ्टिंग और ट्रांसफर के चलते हजारों नाम मतदाता सूची से हटाए गए…

राजनांदगांव। पूरे देश के साथ जिले में भी मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम लगभग पूर्ण हो चुका है। लगभग 22 साल बाद बोटर लिस्ट का पूरा शुद्धिकरण हुआ। शुद्धिकरण ऐसा कि लगभग 53 हजार मतदाता गायब हो गए।

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इनके बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं है। मृत, स्थानांतरण, पलायन, विवाह एवं दूसरी जगह शिफ्टिंग मतदाताओं के नाम हट गए हैं। हालांकि ऐसे मतदाताओं को दावा-आपत्ति करने का मौका मिलेगा लेकिन यह तय है कि इस बार मतदाताओं की संख्या कम होगी। गौरतलब है कि बिहार की तर्ज पर पूरे देश में एक अभियान के तहत मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण चल रहा है।

बीएलओ की पूरी टीम ने गत 4 नवंबर से आज तक घर-घर दस्तक दी। गणना पत्रक घर-घर पहुंचे। अमूमन 99 फीसदी मतदाताओं द्वारा भरे गए गणना-पत्रक जमा हो चुके हैं। बीएलओ के ऐप में दर्ज हो चुके हैं और आयोग की निगरानी में डिजिटल अपटेड भी कर दिया गया है। आयोग की माने तो इस अभियान में बड़ी संख्या में मतदाता गायब हो चुके हैं। इन मतदाताओं के बारे में कोई जानकारी नहीं है। ऐसे घरों में भी बीएलओ की टीम पहुंची है लेकिन पूरी जानकारी नहीं मिली है।

आयोग ने कहा कि मतदाता सूची से मृत व्यक्तियों के नाम हटाए गए हैं। साथ ही दूसरी जगह शिफ्टिंग, स्थानांतरण एवं पलायन करने वालों के नाम हटाए गए हैं। शादी के बाद दूसरे शहर या कस्बे में जाने वाली महिलाओं के नाम विलोपित हुए।

शहर के आर. के. नगर, सिविललाइन, पुलिस लाइन आदि से भी बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं। इन तीनों जगह अफसर व कर्मचारी ही रहते हैं। ट्रांसफर के बाद भीमतदाता सूची में नाम दर्ज रहे लेकिन एसआईआर के बाद अब नाम विलोपित कर दिए गए हैं।