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राजनांदगांव : शासन की महतारी दुलार योजना कोविड-19 संक्रमण से अभिभावकों की मृत्यु होने पर बच्चों के लिए बनी संबल…

जिले के 171 बच्चों को मिला योजना का लाभ

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बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाने, नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने और छात्रवृत्ति का लाभ देने शासन ने उठाया बीड़ा

राजनांदगांव – शासन की महतारी दुलारी योजना कोविड-19 संक्रमण से अभिभावकों की मृत्यु होने पर बच्चों के लिए संबल बनी है। कोविड-19 संक्रमण के दौरान अभिभावकों की मृत्यु होने पर बच्चों में शिक्षा को लेकर चिंता थी। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने बच्चों की पढ़ाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए महतारी दुलार योजना से सहारा दिया। कोविड-19 संक्रमण से मृत्यु होने वाले परिवारों के बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाने, नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने और छात्रवृत्ति का लाभ देने के लिए महतारी दुलार योजना लाई गई।

राजनांदगांव जिले में महतारी दुलार योजनांतर्गत 171 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया है। बच्चे अब शिक्षा की चिंता से मुक्त होकर अध्ययन कार्य कर रहे है। योजनांतर्गत कक्षा पहली में 9 विद्यार्थी, कक्षा दूसरी में 11 विद्यार्थी, कक्षा तीसरी में 13 विद्यार्थी, कक्षा चौथीं में 6 विद्यार्थी, कक्षा पांचवीं में 14 विद्यार्थी, कक्षा छठवीं में 12 विद्यार्थी, कक्षा सातवीं में 21 विद्यार्थी, कक्षा आठवीं में 13 विद्यार्थी, कक्षा नवमीं में 21 विद्यार्थी, कक्षा दसवीं में 20 विद्यार्थी, कक्षा ग्यारहवीं में 11 विद्यार्थी और कक्षा बारहवीं में 20 विद्यार्थी को प्रवेश दिया गया है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजनांतर्गत कोविड-19 संक्रमण से मृत्यु होने वाले परिवार के बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाना, नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना तथा छात्रवृत्ति का लाभ दिया जा रहा है। कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों को प्रतिवर्ष 5000 रूपए छात्रवृत्ति और कक्षा नवमीं से बारहवीं तक के बच्चों को प्रतिवर्ष 10 हजार रूपए की छात्रवृत्ति दी जाएगी।

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