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राजनांदगांव: शिक्षा, स्वास्थ्य, सुपोषण और लाईवलीहुड गतिविधियां पहली प्राथमिकता-कलेक्टर…

कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों का जल्द निराकरण करने के दिए निर्देश ।

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जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्र एवं स्कूलों का मरम्मत तथा अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देश ।

सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समय सीमा में शत प्रतिशत गिरदावरी कार्य करें ।

राजस्व एवं अन्य विभागों के अधिकारियों की ली बैठक

राजनांदगांव 07 अगस्त 2021। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व तथा अन्य विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, सुपोषण, आजीविका तथा राजस्व प्रकरणों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिन्हा ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सुपोषण और लाईवलीहुड गतिविधियां पहली प्राथमिकता है। इसमें विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जिले में ग्रामीण स्तर पर सभी स्वास्थ्य केन्द्र में बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने तथा जीर्णोद्धार करने के लिए राशि स्वीकृत की गई है।

सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में दीपावली के पहले रंग रोगन, आहाता निर्माण, बाउंड्रीवाल, शौचालय, खिड़कियों में जाली तथा छोटी-छोटी मरम्मत के कार्य पूरा होना चाहिए। जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों का रंगरोगन एक समान तथा आकर्षक होना चाहिए। वहां साफ-सफाई तथा अन्य व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सभी अधिकारी इस कार्य को प्राथमिकता देते हुए मॉनिटरिंग करें। इसके लिए प्रत्येक उप अभियंता की 10-10 स्वास्थ्य केन्द्रों के निरीक्षण, कार्य की गुणवत्ता तथा निगरानी के लिए ड्यूटी लगाई जाए। उन्होंने डोंगरगांव और अंबागढ़ चौकी के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को नए भवन में जल्द शिफ्ट करके 15 अगस्त को प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान चलाकर इस कार्य को किया जाए।

कलेक्टर सिन्हा ने कहा कि शासन द्वारा स्कूलों में सुविधा उपलब्ध कराने शाला अनुदान के तहत राशि प्राप्त होती है। इसका उपयोग स्कूल को बेहतर बनाने के लिए किया जाए। खेल गढिय़ा योजना के तहत बच्चों के लिए फुटबॉल, बॉलीबॉल तथा अन्य सामग्री उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विकासखंड के लिए एक कबड्डी मेट क्रय किया जाए। खेल सामग्री उच्चगुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विकासखंडों के एक हिन्दी माध्यम स्कूल को मॉडल स्कूल के रूप में बनाया जाना है। इसके लिए स्कूल का चयन करें।

कलेक्टर सिन्हा ने कहा कि हरेली का त्यौहार गौठानों में पारंपरिक रूप से आयोजन किया जाना है। सभी विकासखंडों के गौठानों में इसकी तैयारी कर ली जाए। उन्होंने कहा कि विकासखंड के गौठानों को मॉडल गौठान के रूप में विकसित किया जाना है। स्वसहायता समूह की महिलाओं के लिए वर्किंग शेड, कुक्कुट पालन शेड, मशरूम उत्पादन, वर्मी उत्पादन का क्षेत्र अलग होना चाहिए। इसी तरह बाड़ी, चारागाह तथा मवेशी के लिए अलग क्षेत्र रहे।

कलेक्टर सिन्हा ने राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि पिछले दिनों में राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी आई है। लेकिन इसमें और अच्छा कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि 1 अगस्त से गिरदावरी कार्य प्रारंभ हुआ है। सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ ईमानदारी से शत प्रतिशत गिरदावरी कार्य करें। इसके साथ ही खसरा नंबरवार वेरिफिकेशन कर 30 सितम्बर तक ऑनलाईन एन्ट्री करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी इसी के अनुरूप किया जाता है। सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, फिल्ड में जाकर गिरदावरी कार्य का निरीक्षण करें। गिरदावरी करते समय जनप्रतिनिधि, सरपंच, किसान तथा ग्रामीण भी उपस्थित रहे।

उन्होंने भूअर्जन मुआवजा राशि भुगतान की जानकारी लेते हुए कहा कि अविवादित प्रकरणों में हितग्राहियों को जल्द भुगतान किया जाए। कैम्प लगाकर राशि का वितरण करना सुनिश्चित करें। लोक सेवा गारंटी के तहत सेवाएं बढ़ाई जाए। विभिन्न सेवाओं के लिए लगने वाले दस्तावेजों की सूची लोक सेवा केन्द्रों में चस्पा करें जिससे हितग्राहियों को भटकना न पड़े। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी फिल्ड में जाकर कार्य करें। गौठान, आंगनबाड़ी केन्द्र, स्वास्थ्य केन्द्र, स्कूल तथा निर्माण कार्यों का निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि चिटफंड कंपनी में निवेशकों से आवेदन लेने की तिथि बढ़ाई गई है। पंचायतों के माध्यम से भी आवेदन जमा करने व्यवस्था बनाई जाए।

कलेक्टर सिन्हा ने राजस्व के लंबित प्रकरणों को जल्द से जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विवादित नामांतरण, अविवादित नामांतरण, विवादित बंटवारा, अविवादित बंटवारा, सीमांकन, नजूल भूभाटक की वसूली, व्यपवर्तित भूभाटक की राशि वसूली, डायवर्सन के प्रकरण, ओलावृष्टि से फसल क्षति की हानि, आरबीसी 6-4 के प्रकरण, वन अधिकार पट्टा वितरण, फसल बीमा तथा अन्य प्रकरणों की समीक्षा की। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती इंदिरा देवहारी, एसडीएम राजनांदगांव मुकेश रावटे, डिप्टी कलेक्टर डॉ. दीप्ति वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए एसडीएम तथा अन्य राजस्व अधिकारी जुड़े रहे।

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