back to top

राजनांदगांव: संस्कारधानी में 11 हजार दीपों से सजा भव्य दीपोत्सव, रामाधीन मार्ग गणेशोत्सव में बाल रत्न मंच सेवा समिति का 32वां वर्ष…

राजनांदगांव। संस्कारधानी राजनांदगांव में गणेशोत्सव की भव्यता रविवार की रात चरम पर रही, जब बाल रत्न मंच सेवा समिति ने अपने 32वें वर्ष में 11,000 दीपों से दीपोत्सव का आयोजन किया। यह आयोजन रामाधीन मार्ग गणेशोत्सव पंडाल में संपन्न हुआ, जहां दीपों से बनी विभिन्न देव आकृतियां जैसे गणपति, शंख, चक्र, गदा, त्रिशूल, ओम, स्वास्तिक तथा राष्ट्रप्रेम से जुड़े संदेश आकर्षण का केंद्र बने।

समिति के सचिव चैतन्य अग्रवाल, कोषाध्यक्ष अभिनव अग्रवाल और सह-कोषाध्यक्ष करण अग्रवाल ने बताया कि अध्यक्ष रोहित शर्मा के नेतृत्व में यह दीपोत्सव सनातन संस्कृति की गहराई को प्रकट करता है। दीपोत्सव अज्ञान पर ज्ञान, अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है।

इस वर्ष आयोजन का विशेष आकर्षण रहा स्वदेशी अपनाओ जन जागरण अभियान। समिति के वरिष्ठ सलाहकार मयंक शर्मा और रितेश यादव ने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ गणेशोत्सव में स्वदेशी उत्पादों के उपयोग का संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हम सब ने ठाना है, स्वदेशी अपनाना है। लोकल फॉर वोकल बनकर ही हम आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।”

भव्य दीपोत्सव के आयोजन में राकेश ठाकुर (शनिधाम परिवार) सहित समाज के अनेक सेवाभावी लोगों ने सहयोग दिया।

हजारों दीपों की रोशनी से जगमगाता रामाधीन मार्ग का गणेशोत्सव पंडाल धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का सशक्त प्रतीक बना। दीपों की लहराती आभा में श्रद्धालु जनमानस ने संकल्प लिया कि स्वदेशी अपनाकर ही अपने देश को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।

Advertisements

You cannot copy content of this page