back to top

राजनांदगांव: होम आईसोलेशन में करें संपूर्ण प्रोटोकॉल का पालन – डॉ. मिथलेश चौधरी….

राजनांदगांव 27 मार्च 2021। वर्तमान में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। जिला राजनांदगांव में कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा के मार्गदर्शन में वृहद रूप से कोरोना संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे है।

Advertisements

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुये पात्रतानुसार धनात्मक मरीजों को समस्त नियमों का पालन करते हुये घर पर रहकर इलाज करने के लिए होम आईसोलेशन की सुविधा प्रदाय की जा रही है। कोविड-19 पॉजिटिव मरीज जो कि बिना लक्षण या कम लक्षण वाले हो, उन्हें होम आईसोलेशन में रखकर इलाज की अनुमति दी जायेगी। होम आईसोलेशन वाले मरीज को पल्स आक्सीमीटर एवं थर्मामीटर रखना होगा तथा प्रतिदिन नियमित स्वास्थ्य जांच आक्सीजन सैचुरेशन/तापमान जांच कर कंट्रोल रूम/चिकित्सक को बताना होगा। होम आईसोलेशन के दौरान आक्सीजन की कमी/सास लेने में तकलीफ होने पर तत्काल नजदीकी कोविड केयर सेंटर अथवा कोविड हास्पिटल में भर्ती होकर उपचार ले। सामान्यत: शरीर का आक्सीजन सैचुरेशन 94 या उससे अधिक होना चाहिए तथा पल्स रेट 60 से 72 बिट्स प्रति मिनट एवं तापमान 97.7-99.5 फेरेंहाईट होता है। होम आईसोलेशन में रहते हुए ऑक्सीजन की कमी/सास लेने में तकलीफ  तापमान में वृद्धि होने पर तत्काल 108/खंड चिकित्सा अधिकारी से टेलीफोन/होम आईसोलेशन कंट्रोल रूम के नंबर 7440203333 से संपर्क कर  कोविड केयर सेंटर/ कोविड हॉस्पिटल में उपचार ले।

घर पर अकेले रहने वाला मरीज होम आईसोलेशन की पात्रता नहीं होगी। होम आईसोलेशन के दौरान निर्धारित सभी नियमों का पालन करना होगा। इसके अंतर्गत पूर्ण 17 दिवस की अवधि तक घर से मरीज/रिश्तेदार बाहर नहीं जा पायेंगे। अन्य बाहरी व्यक्ति घर में नहीं आ पायेंगे। मरीज को परिवार के अन्य सदस्यों से अलग हवादार अटैच बाथरूम वाले कमरे में रहना होगा। प्रतिदिन नियमित स्वास्थ्य जॉच ऑक्सीजन सैचुरेशन/तापमान कर कंट्रोल रूम/चिकित्सक को बताना होगा।

नियमानुसार दवाईयों का नियमित सेवन करना होगा। होम आईसोलेशन में रहते हुये मरीजों को निम्न सावधानियां बरतनी चाहिए। मरीज होम आईसोलेशन के दौरान अपने ही कमरे में ही रहें, घर के अन्य कमरों में ना जायें। मरीज केवल अपने लिए चिन्हित शौचालय का ही प्रयोग करें।

मरीज हर समय ट्रीपल लेयर मास्क पहनें तथा आठ घंटे उपयोग के बाद मॉस्क को फेंक दें। हाइपो सोडियम क्लोराईड में डुबाने के पश्चात इसे डिस्पोज कर दें। 20 ग्राम ब्लीचिंग पाउडर को (01 चम्मच/टेबल स्पून) को 01 लीटर पानी में घोल कर हाइपो सोडियम क्लोराईड घोल बनाया जा सकता है। मरीज तरल चीजें लेते रहें और हाईड्रेड रहें। मरीज समय-समय पर साबुन और पानी से कम से कम 40 सेकंड तक हाथ धोते रहें या एल्कोहॉलयुक्त सैनेटाईजर से साफ करें। मरीज की उपयोग की समस्त सामग्री अलग से मरीज के कक्ष में ही रखा जाए। घर के अन्य लोगों के साथ व्यक्तिगत वस्तु जैसे बर्तन, तौलिये आदि को साक्षा ना करें। मरीज डॉक्टर के निर्देशों का पालन करें एवं दवाईयां नियमित लेते रहें। कमरा तथा शौचालय साफ  करें।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि होम आईसोलेशन में रहते हुये संपूर्ण होम आईसोलेशन के प्रोटोकॉल का पालन अवश्य करें।

Advertisements

You cannot copy content of this page