back to top

राजनांदगांव: 1 करोड़ 5 लाख के इनामी सीसी मेंबर रामधेर मज्जी सहित 12 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण…

राजनांदगांव। नक्सल उन्मूलन अभियान को आज एक ऐतिहासिक सफलता मिली, जब एमएमसी जोन (मध्यप्रदेश–महाराष्ट्र–छत्तीसगढ़) में सक्रिय प्रतिबंधित संगठन के 12 शस्त्रधारी नक्सलियों ने पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम के समक्ष हथियारों सहित आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पित नक्सलियों पर कुल 2 करोड़ 95 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

Advertisements

समारोह में डीजीपी अरुण देव गौतम, एडीजी (नक्सल ऑपरेशन) विवेकानंद, आईजी राजनांदगांव रेंज अभिषेक शांडिल्य, आईटीबीपी डीआईजी अनवर इलाही सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। आदिवासी मज्जी समाज के लोगों ने आत्मसमर्पित नक्सलियों का स्वागत गुलाब फूल और संविधान की प्रति भेंट कर किया।

राजनांदगांव रेंज पुलिस द्वारा नक्सल विरोधी अभियान लगातार संचालित किये जा रहे है एवं समय -समय पर सुरक्षा बलो द्वारा नक्सल प्रभावित ग्रामों में सिविक एक्षन/सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम चलाया जाकर शासन की नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025 से प्रदाय सुविधाएं व लाभ की जानकारी बैनर/ पोस्टर/ पाम्पलेट आदि के माध्यम से अवगत कराया जा रहा है। जिसके परिणाम स्वरूप 12 नक्सलियों ने आगे बढ़कर शासन के आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025 का लाभ लेने हेतु आत्मसमर्पण किया है।

सुरक्षा बलों के निरंतर अभियान, ग्रामीण अंचलों में चलाए जा रहे विकास कार्यों, सड़क और परिवहन सुविधाओं के विस्तार, पानी-बिजली-नेटवर्क की उपलब्धता, तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से ग्रामीणों में बढ़ते विश्वास और सामुदायिक पुलिसिंग के तहत जनसंपर्क व संवाद कार्यक्रमों का यह प्रत्यक्ष परिणाम है। इन प्रयासों से प्रेरित होकर नक्सलियों ने हथियार छोड़कर शांति का रास्ता चुना है और 12 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया।

सी सी एम रामधेर मज्जी AK-47 के साथ सरेण्डर किया है वही अन्य नक्सली चंदू उसेंडी (DVCM) – 30 कार्बनललिता (DVCM) – बिना हथियारजानकी (DVCM) – इंसास
प्रेम (DVCM) – AK-47रामसिंह दादा (ACM) – 303 राइफल
सुकेश पोट्टम (ACM) – AK-47लक्ष्मी (PM) – इंसास
शीला (PM) – इंसास
सागर (PM) – SLR
कविता (PM) – 303 राइफल
योगिता (PM) – बिना हथियार के सरेण्डर किया है ।

सभी नक्सली के खिलाफ गंभीर नक्सली घटनाओं में शामिल होने के आरोप रहे हैं।सभी आत्म समर्पित नक्सलीयो को शासन के पुनर्वास योजना का लाभ दिलाया जाएगा। सरेंडर के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ा है। यह आत्मसमर्पण क्षेत्र में नक्सली नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में बड़ी सफलता मानी जा रही है।

Advertisements

You cannot copy content of this page