
राजनांदगांव, 18 मार्च 2026। National Institute for the Empowerment of Persons with Intellectual Disabilities (NIEPID) द्वारा आयोजित DISHA पाठ्यक्रम प्रशिक्षण कार्यक्रम का तीसरा दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दिनभर आयोजित सत्रों में प्रतिभागियों को पाठ्यक्रम विकास, विषय शिक्षण पद्धतियों, कक्षा प्रबंधन तथा पाठ योजना के व्यावहारिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में विशेष शिक्षक Mohammad Shadab Alam ने DISHA पाठ्यक्रम विकास पर प्रकाश डालते हुए क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुसार पाठ्यक्रम तैयार करने और विद्यार्थियों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए कार्यात्मक कौशल विकसित करने पर जोर दिया।
द्वितीय सत्र “टाइम टू रिफ्लेक्ट” में Nidhi Rajan एवं Puspendu Jana के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने समूह गतिविधियों के माध्यम से VAKT (दृश्य, श्रव्य, गतिशील, स्पर्शात्मक) पद्धति को समझा। चित्र, ध्वनि एवं गतिविधियों के जरिए DISHA की पहचान जैसे अभ्यासों ने प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की।
तृतीय सत्र में Subesh Chaudhary ने भाषा, कला, पर्यावरण अध्ययन और गणित की प्रभावी शिक्षण पद्धतियों पर चर्चा करते हुए भूमिका-अभिनय, प्रयोगात्मक विधियों एवं बाह्य गतिविधियों के महत्व को रेखांकित किया।
चतुर्थ एवं पंचम सत्र में श्री शादाब आलम ने कक्षा प्रबंधन एवं पाठ योजना (Lesson Planning) के महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने शिक्षण प्रक्रिया में “क्या, क्यों और कैसे” के सिद्धांत को अपनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर समन्वयक Puneet Ram Sahu ने सभी संसाधन व्यक्तियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान CRC राजनांदगांव के निदेशक के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों को DISHA पाठ्यक्रम की पुस्तकें एवं मैनुअल वितरित किए गए। कुल 3,861 पुस्तकों का वितरण किया गया, जिससे 31 संस्थानों, एनजीओ, विशेष विद्यालयों एवं BRCs के 581 बच्चों को लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम में पद्मश्री Dr. Pukhraj Bafna ने प्रतिभागियों को DISHA पाठ्यक्रम से अवगत कराया तथा संसाधन व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
प्रतिभागियों ने CRE कार्यक्रम के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए DISHA पाठ्यक्रम को शीघ्र लागू करने एवं NIEPID DISHA पोर्टल पर पंजीकरण कराने का संकल्प लिया।










































