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राजनांदगाव: महापौर मधुसूदन से मिलकर संघ ने किया व्यापक गृह संपर्क अभियान का शुभारंभ…

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नगर संघ संचालक शिव श्रीवास्तव एवं अन्य साथीगण ने प्रातःकाल राजनांदगाव महापौर मधुसूदन यादव के मोतीपुर स्थित निज निवास पहुंचकर उनसे सौजन्य भेंट की एवं संघ के व्यापक गृह संपर्क अभियान का शुभारंभ किया गया तथा संघ परिवार की ओर से महापौर को संघ साहित्य एवं भारत माता का तैल्यचित्र भेंट किया गया। इस अवसर पर नगर संघचालक के साथ मोतीपुर बस्ती प्रमुख रिभय यादव एवं सहबस्ती प्रमुख मोतीपुर धरम यादव, वार्ड पार्षद मनोहर यादव, सहित साथीगण चंदन राजपूत, करण कुमार कोसरे उपस्थित रहे।

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संघ के प्रतिनिधि मंडल ने महापौर को अवगत कराया की संघ ने अपने शताब्दी वर्ष में देश में जन जागरण के विशेष प्रयत्न के तहत पंच परिवर्तन का मूल मंत्र दिया है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, स्व आधारित जीवन एवं नागरिक कर्तव्य बोध के माध्यम से समाज में स्थाई जागरूकता लाकर पवित्र भारत भूमि को पुनः विश्व गुरु बनाने हेतु देशवासियों से सहयोग एवं सहभागिता का आह्वान किया है, और इसके लिए आज से व्यापक गृह संपर्क अभियान का शुभारंभ किया जा रहा है। महापौर मधुसूदन यादव ने भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रसेवा, देश के प्रति त्याग एवं समर्पण की भावना को अद्वितीय बताते हुए संघ परिवार के सदस्यों को उत्कृष्ट कार्यो के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।

संघ परिवार के सदस्यों के साथ परिचर्चा के दौरान महापौर मधुसूदन ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्वर्णिम इतिहास को याद करते हुए कहा कि सन 1925 में विजयदशमी के दिन संघ के संस्थापक डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार जी ने नागपुर शहर में ब्रिटिश इंडिया शासनकाल के दौरान संघ की स्थापना राष्ट्र की स्वतंत्रता एवं उसके पश्चात भारत माता के परम वैभव की प्राप्ति तथा हिंदू समाज को संगठित कर देश की विविध समस्याओं के स्थाई समाधान के मुख्य उद्देश्य से की थी। वर्ष 2025 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्ष की सेवा यात्रा पूर्ण हो चुकी है, जिसमें संघ देशभक्ति, निःस्वार्थ सेवा एवं अनुशासन का पर्याय बनकर भारतीय समाज में स्थापित हुआ है।

इस दौरान संघ के स्वयंसेवको ने शासन प्रशासन पर निर्भर ना रहते हुए स्वयं के संसाधनों एवं प्रयासों से हर आपदाकाल में एवं समाज में समय-समय पर दृष्टिगोचर होने वाले अभाव, पीड़ा, अपेक्षा को दूर करने अपनी क्षमता अनुसार उल्लेखनीय योगदान दिया हैं। संघ ने अपने स्वयंसेवकों के अथक प्रयासों से स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कार, स्वावलंबन ग्रामीण एवं नगरी क्षेत्र के विकास में विभिन्न सेवा कार्यों को पूर्ण किया है। महापौर मधुसूदन ने समर्थ एवं सशक्त भारत के निर्माण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के योगदान को अतुलनीय एवं अद्वितीय बताया है।

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