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रायपुर : राज्यपाल ने कनक तिवारी की पुस्तक का किया विमोचन…

रायपुर, 31 अक्टूबर 2021 राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने राजभवन में श्री कनक तिवारी, पूर्व महाधिवक्ता की पुस्तक ‘‘आदिवासी उपेक्षा की अंतर्कथा: ब्रिटिश हुकुमत से 21वीं सदी तक’’ का विमोचन किया। राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि श्री कनक तिवारी गांधीवादी विचारधारा से प्रभावित होने के साथ ही प्रखर वक्ता भी हैं। उनकी कानून की समझ के सभी कायल हैं। उनकी इस पुस्तक में आदिवासियों की वर्तमान और पिछले दशकों की स्थिति के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं आदिवासियों के हितों के लिए हमेशा आवाज उठाती रही हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी आदिवासियों के हितों के लिए पेसा अधिनियम लागू करने की दिशा में प्रयास किये जा रहे हैं। अपने अधिकारों के लिए आदिवासियों को स्वयं भी जागरूक और संगठित होना होगा।

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श्री कनक तिवारी ने इस अवसर पर कहा कि आदिवासियों का जंगलों पर जो अधिकार है, उसे वह मिलना चाहिए। आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए पांचवीं अनुसूची को संविधान में शामिल किया गया। साथ ही वर्ष 1996 में पेसा अधिनियम लाया गया। उन्होंने कहा कि आदिवासी दर्शन सामूहिकता पर आधारित है। उनका मानना है कि जंगल सबके लिए है। श्री कनक तिवारी का कहना है कि वन और पहाड़ियां, जनजातीय समाज के मुख्य स्रोत हैं। जनजातीय समुदायों को उनकी भूमि, रहवास, जीविका, राजनैतिक व्यवस्था, सांस्कृतिक मूल्यों एवं पहचान से वंचित करके प्रत्यक्ष रूप से राष्ट्रीय जीवन से ही बेदखल किया जा रहा है। जनजातियों के साथ एक अन्य समस्या यह भी है कि भूमि में एकल अधिकार की जगह वे सामुदायिक अधिकार में विश्वास रखते हैं।

इसलिए भूमि संबंधित मामलों में उनके पास स्वामित्व का लिखित प्रमाण उपलब्ध नहीं होता। जनजातियों के दावे अधिकतर मौखिक साक्ष्य पर ही आधारित होते हैं। नतीजतन उनके मालिकी हक स्थापित करने में कठिनाईयां उत्पन्न होती है। श्री कनक तिवारी ने कहा कि ब्रिटिश शासन का, शुरूआत से ही आदिवासियों ने विरोध करना प्रारंभ कर दिया था। बिरसा मुण्डा ने एवं भूमकाल आंदोलन के नायकों ने ब्रिटिश हुकुमत के खिलाफ अनेक संघर्ष किए, किन्तु आजादी के बाद भी आदिवासियों को जो हक मिलना था वो नहीं मिल सका। 
इस अवसर पर पूर्व अपर मुख्य सचिव श्री सी.के. खेतान, श्री संजीव बक्शी, श्री एन.जगन्नाथ राव, श्री आलोक शुक्ला, श्री संजय परते, श्री लक्ष्मीशंकर निगम, श्री विकास मरकाम, श्री तेजस तिवारी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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