
राजनांदगाँव तुलसी सम्पूर्ण धरा के लिए वरदान है, अत्यंत उपयोगी औषधि है, मात्र इतना ही नहीं, यह तो मानव जीवन के लिए अमृत है । यह केवल शरीर स्वास्थ्य की दृष्टि से ही नहीं, अपितु धार्मिक, आध्यात्मिक, पर्यावरणीय एवं वैज्ञानिक आदि विभिन्न दृष्टियों से भी बहुत महत्त्वपूर्ण है । यह आयोजन राजनांदगांव के तीन सौ से अधिक स्थानों में तथा 25 दिसम्बर को मुख्य कार्यक्रम भर्रेगांव में जिला स्तरीय कार्यक्रम व्यापक स्तर पर मनाया गया ।

25 दिसंबर यानी तुलसी पूजन दिवस एक विश्वव्यापी पर्व बन गया है । इस पर्व की शुरुआत 2014 में पूज्य संत श्री आशारामजी बापू ने की जो आज पूरे विश्व पटल पर छा गया है । भारत देश के अलावा विदेशों में भी 25 दिसम्बर को तुलसी पूजन दिवस के रूप में मना रहे है ।श्री योग वेदांत सेवा समिति द्वारा देशभर में सामूहिक रूप से लाखों जगहों पर इस दिवस को मना रहे है जिसमें करोड़ो लोग इस दिवस से प्रभावित होकर तुलसी की महिमा जन-जन तक पहुंचा रहे है ।
भर्रेगांव में आयोजित तुलसी पूजन दिवस के अवसर पर बच्चों के आध्यात्मिक व लौकिक विकास के लिए विद्यार्थी उज्ज्वल भविष्य निर्माण शिविर का आयोजन किया गया । जिसमें सैकड़ो बच्चों ने सफलता पाने की कुंजी, स्वस्थ्य रहने की कला तथा परीक्षा में अच्छे नंबर लाने के प्रयोग सीखें । तुलसी पूजन कार्यक्रम में सर्वप्रथम तुलसी माता को स्वच्छ स्थान पर विराजमान कर जल चढ़ाकर उनको तिलक लगाकर दीपक व कपूर से आरती उतारी गयी है तथा अच्छे स्वास्थ्य व पूरे देश में सुख-शांति बनी रहे ऐसा संकल्प करते हुए सात परिक्रमा किया गया ।
बाल संस्कार केन्द्र के बच्चों ने नृत्य के माध्यम से तुलसी पूजन से संबंधित अपनी प्रस्तुति दी । इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से सरपंच सुलेखा चंद्राकर, भलभद्र चंद्राकर, केजुराम सिन्हा सहित ग्राम के प्रमुखजन उपस्थित होकर तुलसी माता का पूजन कर तुलसी पूजन दिवस मनाया । भारतीय संस्कृति में तुलसी की महत्ता”अगस्त्य संहिता में आता है कि संसार में तुलसी से अधिक पवित्र वस्तु दूसरी कोई नही है ।
वैज्ञानिकों ने भी इस बात को स्वीकारा है कि तुलसी कैंसररोधी, मधुमेहरोधी, कीटाणुनाशक, हृदयरक्षक तथा पेट के रोगों से रक्षा करने वाली दिव्य औषधि है । तुलसी पूजन दिवस के अवसर पर योग वेदांत सेवा समिति के अध्यक्ष रोहित चंद्राकर, कोषाध्यक्ष टीके चन्द्राकर, दिलीप सिन्हा, उमाशंकर कुंवर ने संयुक्त रूप से बताया की जिले में अब तक 300 से अधिक स्थानों में यह कार्यक्रम किया जा चुंका है तथा आज ही राजनांदगांव के अलावा गंडई, खैरागढ, डोंगरगढ़, मोहला, चौकी, डोंगरगांव, छुरिया में बड़े रूप में आयोजन किया गया ।
जिसमे हजारों-लाखों लोग तुलसी पूजन दिवस दिवस की महिमा से अवगत हुए ।इस कार्यक्रम को सफल बनाने में खिलावन पटेल, पप्पू चन्द्राकर, विकास चंद्राकर, खुमेश निषाद, पुष्पेंद्र सिन्हा, दीपेश सिन्हा, जय चन्द्राकर, एकता चंद्राकर, अंजू निषाद, विमला निषाद, अनिता निषाद, पूजा चंद्राकर, मुस्कान चंद्राकर, साक्षी चंद्राकर आदि का विशेष योगदान रहा ।









































